Kanpur Lamborghini Case: कानपुर से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आई है। 8 फरवरी को ग्वालटोली इलाके में लैंबॉर्गिनी कार से हुए हादसे के आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। शिवम, शहर के प्रसिद्ध तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा का बेटा है। हादसे के दौरान शिवम ने फुटपाथ पर खड़ी बुलेट बाइक को टक्कर मारी थी, जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसका नाम एफआईआर में जोड़ा गया। हादसे में छह लोग घायल हुए थे, जिनमें से कुछ को गंभीर चोटें आई थीं।
पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को छह बंगलिया रोड के पास से गिरफ्तार किया। कानपुर के ग्वालटोली थाने की पुलिस ने उसे उसके घर से पकड़ा। शिवम मिश्रा करीब 90 घंटे से फरार था और हादसे के बाद से कानपुर में ही था। पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश करने जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच में यह साफ हो गया है कि हादसे के समय लैंबॉर्गिनी कार शिवम मिश्रा ही चला रहे थे, जबकि उनके वकील ने दावा किया था कि गाड़ी उनका परिवार का चालक मोहनलाल चला रहा था।
हादसा 8 फरवरी को दोपहर करीब 3:15 बजे हुआ था, जब लैंबॉर्गिनी कार ग्वालटोली के वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार से चल रही थी और पैदल चलने वालों व अन्य वाहनों से टकरा गई। इस हादसे में कम से कम छह लोग घायल हुए, जिनमें एक ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक भी शामिल था। हादसे के बाद, पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज इकट्ठा किए। इन फुटेज से यह साबित हुआ कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहे थे।
शिवम के वकील मृत्युंजय कुमार ने पहले यह दावा किया था कि उनका क्लाइंट दुर्घटना के समय गाड़ी नहीं चला रहा था, बल्कि मोहनलाल नामक चालक गाड़ी चला रहा था। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान और घटनास्थल पर मौजूद लोगों से मिले अन्य सबूतों के आधार पर शिवम मिश्रा को गिरफ्तार किया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फुटेज और गवाहों के बयान से यह साफ हो गया कि शिवम मिश्रा ही गाड़ी चला रहे थे।
दिल्ली पहुंची यूपी की पुलिस टीम ने किया गिरफ्तार
इसके बाद पुलिस ने शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। वह लगभग 90 घंटे तक फरार थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें उनके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि यह कार्रवाई उपलब्ध सबूतों और जांच के आधार पर की गई है।
हादसे के बाद, एक अन्य घटनाक्रम में, आरोपी चालक मोहनलाल ने दावा किया कि वह ही गाड़ी चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। इसके अलावा, ग्वालटोली थाने में शिकायत करने वाले ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक ने मुआवजा मिलने के बाद इस मामले में आगे कोई कार्रवाई न करने की इच्छा जताई।
अब इस मामले पर पुलिस की जांच और कोर्ट की कार्रवाई जारी है। पुलिस का कहना है कि शिवम मिश्रा के खिलाफ निष्पक्ष और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब कानूनी दायरे में है और इसके साथ ही वीआईपी संस्कृति और जवाबदेही पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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