Kullu-Manali : इस बार मौसम ने फिर से अपना मिजाज बदल लिया है। दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। शनिवार को हुई बर्फबारी ने घाटी के लोगों के लिए राहत दी, लेकिन इसके बाद कई समस्याएं भी सामने आई हैं।
मनाली में सीजन की पहली बड़ी बर्फबारी के बाद पर्यटकों की संख्या अचानक बढ़ गई, जिससे शहर में भारी ट्रैफिक जाम लग गया। प्रशासन को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बर्फबारी के बाद पूरी घाटी में आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। पिछले 48 घंटों में हुई बर्फबारी से हिमाचल प्रदेश में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मनाली के पास 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया है। इसके कारण बिजली और पानी की सप्लाई भी प्रभावित हुई, और बड़ी संख्या में पर्यटक वहां फंस गए। कुछ पर्यटकों को अपनी गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी ने सूखा तो खत्म कर दिया, लेकिन शिमला और मनाली में जनजीवन को नुकसान भी पहुंचाया है। गणतंत्र दिवस के वीकेंड पर भारी संख्या में पर्यटक मनाली पहुंचे, जिससे ट्रैफिक जाम और भी बढ़ गया।
600 से ज्यादा पर्यटक फंसे
मनाली के पास 600 से ज्यादा पर्यटक फंस गए है। ट्रैफिक जाम के कारण उनमें से कई को अपनी गाड़ियों में ही रात बितानी पड़ी। वही दिल्ली से आए पर्यटक अक्षय ने बताया कि वे तीन घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसे रहे और फिर उन्होंने पैदल चलकर मनाली जाने का फैसला किया। वहीं, तृषा नाम की पर्यटक ने बताया कि उन्हें रात गाड़ी में बितानी पड़ी और उन्होंने मैगी खाकर समय बिताया क्योंकि उनके पास पोर्टेबल सिलेंडर था।
महंगा किराया
पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद होने से पर्यटकों को निजी टैक्सी चालकों से महंगा किराया देना पड़ा। दिल्ली के लक्षित नाम के पर्यटक ने बताया कि टैक्सी चालक मनाली और पटलीकुहाल के बीच 20 किलोमीटर के लिए 10,000 से 15,000 रुपये मांग रहे थे।
बर्फबारी बनी आफत
गणतंत्र दिवस के वीकेंड पर भारी संख्या में पर्यटक मनाली पहुंचे, जिससे शहर की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया। ट्रैफिक जाम 23 जनवरी से शुरू हुआ था और वीकेंड तक हालात और खराब हो गए। कोठी से मनाली के बीच करीब 8 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें हजारों पर्यटक 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक अपनी गाड़ियों में फंसे रहे। कड़ी ठंड, गाड़ियों में ईंधन की कमी और खाने-पीने के पानी की कमी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। मनाली के सभी होटल पूरी तरह से भर गए। जिनके पास पहले से होटल की बुकिंग नहीं थी, उन्हें ठहरने के लिए कुल्लू जिले के निचले इलाकों में जाना पड़ा।
600 से ज्यादा सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का असर बड़े पैमाने पर पड़ा है। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में इस समय करीब 685 सड़कें बंद पड़ी हैं। इससे लोगों की आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। लाहौल-स्पीति जिले में सबसे ज्यादा 292 सड़कें बंद हैं, इसके बाद चंबा (132), मंडी (126) और कुल्लू (79) जिले में सड़कें बंद हैं। कई जगहों पर काली बर्फ जमने के कारण वाहन चलाना खतरे से भरा है। इसका असर इमरजेंसी सेवाओं और जरूरी सामान की सप्लाई पर भी पड़ रहा है।
28 जनवरी तक कड़ाके की ठंड
मौसम विभाग ने बताया है कि 26 से 28 जनवरी के बीच एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का कारण बन सकता है, जबकि निचले इलाकों में तेज बारिश हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और प्रशासन को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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