Madhya Pradesh: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश के सतना जिले के सरकारी अस्पताल में 6 बच्चों के HIV पॉजिटिव पाए जाने के मामले पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने कहा है कि देश के कई हिस्सों से ऐसे मामले सामने आए हैं जो बच्चों के अधिकार और सुरक्षा के लिए गंभीर मामला है।
NHRC ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निर्देश जारी किया है कि 4 हफ्तों के भीतर इस मामले की पूरी रिपोर्ट भेजी जाए। रिपोर्ट में यह बताना होगा कि ऐसे मामलों में अब तक क्या कार्रवाई की गई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस मामले पर तुरंत कार्रवाई की है। जिसमें सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल सरकारी अस्पताल में ब्लड बैंक के प्रभारी और दो लैब तकनीशियनों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई अस्पताल की जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है।

जानकारी के मुताबिक, इन 6 बच्चों का इलाज थैलेसीमिया के लिए किया जा रहा था और थैलेसीमिया के मरीजों को समय-समय पर रक्त चढ़ाने की जरूरत होती है। इस साल जनवरी से मई के बीच रक्त चढ़ाने के बाद ये बच्चे HIV पॉजिटिव पाए गए। यह मामला अब सामने आया है । जिससे बच्चों के परिवार पर गहरा असर पड़ा है और सभी सदमे में हैं।
NHRC ने कहा कि उसने इस घटना का स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग ने तमाम राज्यों से कहा है कि सभी सुनिश्चित करें कि अस्पतालों और ब्लड बैंक में जांच और सुरक्षा की सही व्यवस्था रहे। बच्चों की सुरक्षा और उनका स्वास्थ्य सर्वोपरि होना चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड बैंक और लैब में लापरवाही गंभीर अपराध है। NHRC की नोटिस के बाद सभी राज्यों को रिपोर्ट सौंपनी होगी और अस्पतालों में सुधारात्मक कदम भी उठाने होंगे।
हालांकि यह मामला स्वास्थ्य व्यवस्था में पारदर्शिता और बच्चों की सुरक्षा पर ध्यान देने की चेतावनी है। NHRC ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Read more:- Dunki Case: डंकी रूट मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, करोड़ों की नकदी और सोना-चांदी जब्त

