Mumbai-Pune Expressway

Mumbai-Pune Expressway पर 32 घंटे बाद यातायात बहाल, यात्रियों को मिली राहत

Mumbai-Pune Expressway पर मंगलवार शाम हुए एक हादसे के कारण 32 घंटे तक यातायात बाधित रहा है। खंडाला में एक प्रोपलीन गैस से भरा टैंकर पलट गया, जिससे गैस रिसाव के कारण भारी जाम लग गया। इस जाम में फंसे यात्रियों को 32 घंटों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

कैसे हुआ हादसा?

मंगलवार (3 फरवरी) शाम करीब 5 बजे एक्सप्रेसवे पर एक टैंकर पलट गया। टैंकर में प्रोपाइलीन गैस थी, जो बेहद ज्वलनशील है। हादसे के बाद सुरक्षा के लिए प्रशासन ने तुरंत यातायात रोक दिया। हालांकि, यह जाम अगले 32 घंटों तक जारी रहा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई।

टैंकर हटाने के बाद भी परेशानियां बनी रहीं

टैंकर को हटाने के बाद उम्मीद थी कि यातायात जल्दी सामान्य हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। खंडाला के बाद यातायात कुछ हद तक सुचारु हो गया, लेकिन मलवली और कामशेत जैसे इलाकों में वाहनों के खराब होने और ड्राइवरों के सो जाने से फिर से जाम लगने लगे। प्रशासन को कई ड्राइवरों को जगाकर यातायात को फिर से शुरू करना पड़ा।

यात्रियों को नहीं मिली बुनियादी सुविधाएं

32 घंटे के इस लंबे जाम में यात्री खाना, पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित रहे। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान गाड़ियों में फंसे लोग कई किलोमीटर तक जाम में फंसे रहे।

राज ठाकरे का बयान

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार के पास ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। राज ठाकरे ने यह भी कहा कि यात्रियों से टोल वसूलने के बाद भी ऐसी परिस्थितियां पैदा हो गईं, और सरकार सिर्फ जांच के आदेश दे रही है, जबकि उन्हें ठोस कदम उठाने चाहिए।

मंत्री गिरीश महाजन की सफाई

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने इस हादसे पर सफाई दी कि प्रोपाइलीन गैस बेहद ज्वलनशील होने के कारण इसे जल्दी हटाना जोखिमपूर्ण था। उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ टीम को मौके पर बुलाया गया और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए काम किया गया।

क्या सरकार ने कुछ सीखा?

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि मुंबई और पुणे जैसे बड़े शहरों के बीच यातायात व्यवस्था कितनी नाजुक है। अब सवाल यह उठता है कि क्या सरकार और प्रशासन इस घटना से कोई ठोस सबक लेंगे, या फिर अगली बड़ी घटना तक कोई बदलाव नहीं होगा।

गैस टैंकर हटने के बाद भी यातायात की स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई। यात्रियों का कहना है कि अगर एक्सप्रेसवे पर कोई दुर्घटना हो जाए, तो वह घंटों नहीं, बल्कि दिनों तक फंसे रह सकते हैं। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि टोल के बदले मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन को और बेहतर योजना बनानी चाहिए।

Read more:- Lucknow News: चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक, योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को दिए सख्त निर्देश

More From Author

Lucknow News

Lucknow News: चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक, योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को दिए सख्त निर्देश

X Down

X Down: X और इंस्टाग्राम डाउन, यूजर्स को हुई परेशानी