Padma Awards 2026: गणतंत्र दिवस से पहले केंद्र सरकार ने 2026 के पद्म पुरस्कारों का ऐलान कर दिया है। इस साल के पद्म पुरस्कारों में देशभर के कई गुमनाम नायकों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज के हाशिए पर पड़े लोगों के लिए काम किया है। इन पुरस्कारों के जरिए उन लोगों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, कला, खेल, विज्ञान, और अन्य क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है।
किसे मिलेगा पद्म पुरस्कार?
सूत्रों के मुताबिक, इस साल कर्नाटक के अंके गौड़ा को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, करीब 45 गुमनाम नायकों को ‘अनसंग हीरोज’ कैटेगरी में पद्म श्री पुरस्कार मिलने की खबर है। ये लोग समाज के विभिन्न वर्गों, जैसे पिछड़े और दलित समुदायों, आदिवासी जनजातियों और दूरदराज के इलाकों से आते हैं, और इनका जीवन दिव्यांगों, महिलाओं, बच्चों, दलितों और आदिवासियों की सेवा में समर्पित है।
जिन लोगों को पद्म श्री मिल रहे हैं:
- अंके गौड़ा (साहित्य और शिक्षा)
- आर्मिडा फर्नांडिस (चिकित्सा)
- भगवान दास रायकवार (समाज सेवा)
- भिकल्या लाडक्या ढिंडा (समाज सेवा)
- बृजलाल भट्ट (समाज सेवा)
- बुधरी ताती (समाज सेवा)
- चरण हेम्ब्रम (समाज सेवा)
- चिरंजी लाल यादव (समाज सेवा)
- धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या (समाज सेवा)
- गफरुद्दीन मेवाती (समाज सेवा)
- हैली वार (समाज सेवा)
- इंदरजीत सिंह सिद्धू (समाज सेवा)
- के. पाजनिवेल (समाज सेवा)
- कैलाश चंद्र पंत (समाज सेवा)
- खेम राज सुंद्रियाल (समाज सेवा)
- कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी (समाज सेवा)
- कुमारस्वामी थंगराज (समाज सेवा)
- महेंद्र कुमार मिश्रा (समाज सेवा)
- मीर हाजीभाई कासंभाई (समाज सेवा)
- मोहन नगर (समाज सेवा)
- नरेश चंद्र देव वर्मा (समाज सेवा)
- निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला (समाज सेवा)
- नूरुद्दीन अहमद (समाज सेवा)
- ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन (समाज सेवा)
- पद्मा गुरमेट (समाज सेवा)
- पोखिला लेकथेपी (समाज सेवा)
- पुन्नियामूर्ति नटेसन (समाज सेवा)
- आर. कृष्णन (समाज सेवा)
- रघुपत सिंह (समाज सेवा)
- रघुवीर तुकाराम खेड़कर (समाज सेवा)
- राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर (समाज सेवा)
- रामा रेड्डी मामिडी (समाज सेवा)
- रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले (समाज सेवा)
- एस. जी. सुशीला अम्मा (समाज सेवा)
- सांग्युसांग एस. पोंगेनर (समाज सेवा)
- शफी शौक (समाज सेवा)
- श्रीरंग देवबा लाड (समाज सेवा)
- श्याम सुंदर (समाज सेवा)
- सिमांचल पात्रो (समाज सेवा)
- सुरेश हनगावड़ी (समाज सेवा)
- तगा राम भील (समाज सेवा)
- तेची गुबिन (समाज सेवा)
- तिरुवारूर भक्तवत्सलम (समाज सेवा)
- विश्व बंधु (समाज सेवा)
- युमनाम जात्रा सिंह (समाज सेवा)
इन पुरस्कारों में कई ऐसे नाम हैं, जिनका जीवन पिछड़े और वंचित समुदायों के लिए समर्पित रहा है। इन लोगों ने स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, स्वच्छता, और सामाजिक स्थिरता जैसे क्षेत्रों में अहम योगदान दिया है।
पद्म पुरस्कारों का इतिहास
पद्म पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कारों में से एक हैं। ये पुरस्कार हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिए जाते हैं। पद्म पुरस्कारों का उद्देश्य उन व्यक्तियों को सम्मानित करना है, जिन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण काम किया है। पद्म पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाते हैं: पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री।
पद्म पुरस्कार देशभर में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता को मान्यता देते हैं और उन्हें सम्मानित करते हैं। यह एक तरह से नागरिकों के योगदान को पहचानने और उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों को प्रोत्साहित करने का एक तरीका है।
आधिकारिक सूची
भारत सरकार द्वारा पद्म पुरस्कारों की पूरी और आधिकारिक सूची शाम तक जारी की जाएगी।
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