PM Modi ने शुक्रवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वीर बाल दिवस कार्यक्रम में शिरकत की। यह दिन गुरु गोविंद सिंह के साहिबजादों – जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की वीरता और बलिदान को याद करने के लिए मनाया जाता है। पीएम मोदी ने 9 जनवरी 2022 को गुरु गोविंद सिंह के प्रकाश पर्व के मौके पर ऐलान किया था कि 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, ताकि इन साहिबजादों की शहादत को याद किया जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, ‘आप सभी ‘जेन Z’ और ‘जेन अल्फा’ हैं। आपकी जेनरेशन ही देश को विकसित भारत के लक्ष्य तक ले जाएगी। मैं आपके आत्मविश्वास और आपके हुनर को समझता हूं और इसीलिए आप पर भरोसा करता हूं।’
Gen Z और Gen Alpha से उम्मीदें
प्रधानमंत्री मोदी ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे अपनी सफलता को सिर्फ खुद तक सीमित न रखें, बल्कि इसे देश की सफलता बनाने के लिए काम करें। उन्होंने कहा, ‘पहले युवा सपने देखने से डरते थे, क्योंकि पुरानी व्यवस्थाओं में ऐसा माहौल बन गया था कि कुछ अच्छा हो ही नहीं सकता था। चारों ओर बस निराशा थी। लोगों को यह लगने लगा था कि मेहनत करने का क्या फायदा है।
लेकिन आज देश प्रतिभा को पहचानता है और उन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर देता है। डिजिटल इंडिया के जरिए आपके पास इंटरनेट की ताकत है, सीखने के साधन हैं। और स्टार्टअप इंडिया जैसे कार्यक्रमों ने आपके पास सीखने और आगे बढ़ने के अनगिनत मौके दिए हैं। जो स्पोर्ट्स में जाना चाहते हैं, उनके लिए ‘खेलो इंडिया’ जैसे मिशन हैं।’
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि भारत ने अब गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्ति पा ली है। ‘हम अब अपने नायकों और शौर्य की स्मृतियों को दबने नहीं देंगे। हमारी नायक-नायिकाओं को अब हाशिए पर नहीं रखा जाएगा। वीर बाल दिवस का उत्सव इसी भावना का प्रतीक है। हम अब अपने गौरवमयी अतीत को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ेंगे।’
भारत का गौरवमयी अतीत
प्रधानमंत्री ने वीर बाल दिवस पर साहिबजादों की वीरता को याद करते हुए कहा, ‘हमारा देश आज उन साहिबजादों की शहादत को याद कर रहा है, जिन्होंने मुग़ल सल्तनत के अत्याचारों के सामने घुटने नहीं टेके। ये वीर साहिबजादे अपनी उम्र और अवस्था की सीमाओं को तोड़ते हुए भारत के लिए खड़े हुए। उन्होंने दिखा दिया कि एक राष्ट्र, जिसका अतीत इतना गौरवशाली हो, उसकी युवा पीढ़ी के पास प्रेरणा की ताकत होती है।’

