पीएम ने गढ़वाली बोली से की अपने संबोधन की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देहरादून के परेड ग्राउंड में जनसभा को संबोधित किया और अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली भाषा में भाषण देते हुए किया। पीएम ने कहा कि मैं देवभूमि और वीरमाताओं की भूमि में आया हुआ हूं, और यह मेरा सौभाग्य है।

प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसा कोई लक्ष्य नहीं है जिसे उत्तराखंड पा नहीं सकता, ऐसा कोई संकल्प नहीं जो देवभूमि में सिद्ध न हो सके। नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर वार करते हुए कहा कि हम जो योजनाएं लाएंगे, सबके लिए बिना भेदभाव के लाएंगे। वोट बैंक की कोई रणनीति नहीं बनायी बल्कि लोगों को प्राथमिकता देनी चाही। हमारी कोशिश मजबूती प्रदान करना और देश के हित में है।

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हमारा रास्ता सबका साथ व विकास करना है। कुछ राजनीतिक दल देश में भेदभाव कर रहे है, वह चाहे अपनी जाति का हो, फिर खास धर्म का या फिर एक छोटे से क्षेत्र का उनको वह अपना वोट बैंक समझ बैठे है। पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व उत्तराखंड सरकार और साथियों को बधाई दी और कहा कि टीकाकरण के मामले में आज उत्तराखंड अग्रणी राज्यों में शामिल है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने अपने शब्दों को विराम एक कविता के माध्यम से दिया- पवन बहे संकल्प लिए…………मेरा भाग्य मेरा सौभाग्य।

सिमरन बिंजोला

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