Rail Tech Portal launch

Rail Tech Portal launch : स्टार्टअप्स को मिलेगी बड़ी फंडिंग, अश्विनी वैष्णव का ऐलान!

Rail Tech Portal launch : नई दिल्ली, 26 फरवरी 2026, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज दो बड़े सुधारों का ऐलान किया। उन्होंने रेल टेक पोर्टल और e-RCT (ई-रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल) लॉन्च कर दिया। यह 2026 में शुरू किए गए ’52 सुधार 52 हफ्तों में’ का तीसरा और चौथा सुधार है। अब स्टार्टअप्स, युवा इनोवेटर्स और टेक कंपनियां सीधे रेलवे की समस्याओं का हल देंगे। पसंद आए आइडिया पर सरकार फंडिंग भी देगी।

रेल टेक पोर्टल क्या है?

रेल टेक पोर्टल एक खास वेबसाइट है। यहां कोई भी स्टार्टअप, इनोवेटर या रिसर्च टीम अपनी आईडिया डाल सकता है। रेलवे की रोज की समस्याएं जैसे ट्रैक पर हाथी का घुसना, कोच में आग लगना, कोहरे में रुकावट, सोलर पैनल लगाना आदि के समाधान यहां अपलोड होंगे।

रेलवे टीम आइडिया चुनकर पायलट प्रोजेक्ट चलेगी। सफल हुआ तो बड़े स्तर पर लागू करेगी।

खास बात: अब सिंगल स्टेज में पूरा प्रपोजल जमा करना होगा। प्रोटोटाइप बनाने के लिए ग्रांट दोगुना कर दिया गया है। स्केल-अप ग्रांट तीन गुना बढ़ा दिया गया है। रेलवे 50% खर्च खुद उठाएगी।

https://x.com/HNN24X7/status/2026951461385785365?s=20

मंत्री अश्विनी वैष्णव ने क्या कहा?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘जब साइंस स्केल से मिलती है तो इनोवेशन इनक्लूसिव हो जाता है। रेल टेक पोर्टल इसी का माध्यम है। हम स्टार्टअप्स को आमंत्रित करते हैं – आइए, रेलवे की समस्याएं सुलझाएं।‘

उन्होंने बताया कि AI, ड्रोन, सेंसर जैसी तकनीक से ट्रैक चेकिंग, कोच सफाई, एलीफेंट इंट्रूजन डिटेक्शन, ब्रोकन रेल डिटेक्शन, फॉग में ऑब्स्ट्रक्शन डिटेक्शन जैसे काम आसान होंगे। पेंशन और विवाद निपटान में भी AI लगेगा।

स्टार्टअप्स को कितनी मिलेगी फंडिंग?

सरकार ने साफ कहा – अच्छा आइडिया मिला तो ग्रांट मिलेगी। प्रोटोटाइप और ट्रायल के लिए ज्यादा पैसा। स्केल-अप के लिए तीन गुना फंड। रेलवे के अलग-अलग डिपार्टमेंट (ट्रैक, सेफ्टी, पैसेंजर अमेनिटी) से बजट आएगा। इससे छोटे स्टार्टअप्स को बड़ा प्लेटफॉर्म मिलेगा। AI और टेक स्टार्टअप्स को खास फायदा होगा।

Rail Tech Portal launch

आम यात्रियों को क्या होगा फायदा?

आज आपका सफर सुरक्षित और आरामदायक बनेगा। 

हाथी ट्रैक पर आए तो AI अलार्म देगा। 

कोच में आग लगी तो तुरंत पता चलेगा। 

कोहरे में भी ट्रेन रुकावट से बच जाएगी। 

सोलर पैनल से बिजली बचेगी, किराया कम हो सकता है। 

क्लेम (दावा) अब घर बैठे 24 घंटे ऑनलाइन दाखिल होगा।

e-RCT क्या है?

रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल के 23 बैंच अब पूरी तरह ऑनलाइन। 

24×7 e-फाइलिंग कहीं से भी। 

AI से केस ऑटोमैटिक ट्रैक होगा। 

रियल-टाइम अलर्ट और मॉनिटरिंग। 

पेंडिंग केस कम होंगे, दावा जल्दी निपटेगा।

यह यात्री-केंद्रित सुधार है। अब कोई भी व्यक्ति मोबाइल से क्लेम कर सकता है।

ये सुधार क्यों जरूरी?

भारतीय रेलवे दुनिया का चौथा सबसे बड़ा नेटवर्क है। हर दिन लाखों यात्री सफर करते हैं। पुरानी समस्याएं तेजी से सुलझानी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ के तहत ये कदम उठाए गए हैं। 2026 में 52 सुधारों का लक्ष्य है। रेल टेक पोर्टल और e-RCT इससे रेलवे को टेक-फ्रेंडली, पारदर्शी और तेज बनाएंगे।

रेल मंत्री ने सभी स्टार्टअप्स, युवाओं और टेक कंपनियों से अपील की – ‘रेल टेक पोर्टल पर आइए, अपना आइडिया शेयर कीजिए। हम साथ मिलकर बेहतर रेलवे बनाएंगे।‘

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