सेवा पखवाड़ा के जनसेवा शिविरों में 2,366 से अधिक नागरिक लाभान्वित।प्रदेशभर में शासन की योजनाएं पहुंचीं गांव-गांव। 389 से अधिक शिकायतें और आवेदन हुए प्राप्त। 257 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण। स्वास्थ्य, कृषि, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का मिला लाभ।
कई स्थानों पर स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवा वितरण किया गया। पात्र लाभार्थियों को पेंशन, प्रमाण-पत्र और स्वरोजगार योजनाओं का लाभ मिला। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने शिविरों का निरीक्षण कर दिए आवश्यक निर्देश। मुख्यमंत्री धामी ने अभियान को सुशासन और जनसेवा का प्रभावी माध्यम बताया।सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
सेवा पखवाड़ा के तहत आयोजित जनसेवा शिविरों ने यह साबित किया है कि यदि सरकारी योजनाओं को सीधे जनता तक पहुंचाया जाए, तो उनका प्रभाव कई गुना बढ़ सकता है। 2,366 से अधिक नागरिकों को लाभ, 389 से अधिक शिकायतों और आवेदनों की प्राप्ति तथा 257 से अधिक शिकायतों का मौके पर समाधान इस अभियान की सफलता को दर्शाते हैं।
Seva Pakhwada Performance at a Glance
शिविरों की प्रमुख उपलब्धियां नीचे दी गई हैं।
| श्रेणी | आंकड़े |
|---|---|
| लाभान्वित नागरिक | 2,366+ |
| प्राप्त आवेदन/शिकायतें | 389+ |
| मौके पर निस्तारित शिकायतें | 257+ |
| फोकस | सरकारी योजनाएं और जन शिकायत समाधान |
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FAQs
Q1. सेवा पखवाड़ा जनसेवा शिविरों में कितने नागरिक लाभान्वित हुए?
2,366 से अधिक नागरिकों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया।
Q2. कुल कितनी शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए?
389 से अधिक शिकायतें और आवेदन प्राप्त हुए।
Q3. कितनी शिकायतों का मौके पर समाधान किया गया?
257 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
Q4. जनसेवा शिविरों का मुख्य उद्देश्य क्या था?
सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना और नागरिकों की शिकायतों का त्वरित समाधान करना।
Q5. ऐसे शिविरों से सबसे बड़ा फायदा क्या है?
लोगों को एक ही स्थान पर कई सरकारी सेवाएं मिलती हैं और शिकायतों का जल्दी समाधान हो जाता है।

