नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की अपीलों का जल्द निपटारा करने के अनुरोध वाली याचिकाओं पर 16 अक्टूबर को सुनवाई करेगा।
मतदाताओं ने अनुरोध किया है कि उन्हें नवंबर में होने वाले राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान करने की अनुमति दी जाए।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि वह एसआईआर न्यायाधिकरणों के सामने आ रही कठिनाइयों से अवगत है और कई तरह की समस्याएं हैं।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा, ‘‘ हम इन समस्याओं को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। बड़ी संख्या में अपीलें ऐसी हैं, जिनमें मतदाताओं के नाम हटाने का अनुरोध किया गया है। हम न्यायाधिकरणों से कहेंगे कि वे नाम हटाने की मांग वाली अपीलों को बाद के लिए रखें और पहले नाम शामिल करने की मांग वाली अपीलों पर फैसला करें।’’
न्यायमूर्ति बागची ने कहा कि सॉफ्टवेयर से जुड़ी भी समस्या है और अदालत इन मुद्दों का समाधान करने का प्रयास कर रही है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता प्रशांत भूषण और वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि एसआईआर न्यायाधिकरणों में अब तक लंबित अपीलों में से 93 प्रतिशत को मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि लंबित अपीलों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया जाए, ताकि संबंधित मतदाता स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान कर सकें।
भूषण ने कहा कि ये लोग असमंजस में हैं कि उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों में मतदान करने की अनुमति मिलेगी या नहीं, क्योंकि हाल में हुए उपचुनावों में उन्हें मतदान नहीं करने दिया गया था

