UP Blackout: आज, 23 जनवरी को उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सुरक्षा तैयारियों की जांच के लिए ब्लैकआउट मॉकड्रिल आयोजित की जा रही है। यह मॉकड्रिल आज शाम 6 बजे से 6:10 बजे तक चलेगी। इस दौरान पूरे प्रदेश में सायरन बजेंगे और कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद की जाएगी।
क्या होगा इस मॉकड्रिल में?
- शाम 6 बजे सभी जिलों में दो मिनट के लिए ब्लैकआउट किया जाएगा।
- हवाई हमले की चेतावनी वाला सायरन बजाया जाएगा।
- सायरन बजते ही नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाना होगा और कोई भी लाइट या रोशनी नहीं जलानी होगी।
ब्लैकआउट के दौरान क्या करें?
- अपने घर या दफ्तर में ही रहें और सभी लाइटें बंद कर दें।
- मोबाइल, टॉर्च और फ्लैश लाइट का इस्तेमाल न करें।
- अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और शांति बनाए रखें।
- सुनिश्चित करें कि घर या दफ्तर से कोई रोशनी बाहर न दिखे।
- धूम्रपान से बचें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
- घबराने की जरूरत नहीं है, सुरक्षित स्थान पर जाएं।
सिविल डिफेंस और अन्य टीमें करेंगी संयुक्त अभ्यास
ब्लैकआउट मॉकड्रिल के दौरान सिविल डिफेंस, पुलिस, SDRF, NDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास करेंगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग भी इस अभ्यास में शामिल होगा। यह मॉकड्रिल यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि आपात स्थिति में कितनी तेजी से राहत सेवाएं मौके पर पहुंचती हैं और नागरिकों को सही दिशा-निर्देश मिलते हैं।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस मॉकड्रिल में सहयोग करें और घबराएं नहीं, क्योंकि यह केवल एक अभ्यास है। राज्य सरकार के निर्देशों के तहत यह मॉकड्रिल हवाई हमले या युद्ध जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए आयोजित की जा रही है।
राजधानी लखनऊ सहित अन्य प्रमुख शहरों में इस मॉकड्रिल के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाएगी, खासकर संवेदनशील क्षेत्रों और घनी आबादी वाले इलाकों में। प्रशासन ने नागरिकों से कहा है कि वे सायरन बजने पर अपने घरों या दुकानों की लाइटें बंद रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
पूर्व में हुई थी इसी तरह की मॉकड्रिल
इससे पहले, 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर 7 मई को सिविल डिफेंस मॉकड्रिल कराई गई थी। उस दौरान देश के 244 जिलों में सुरक्षा तैयारियों की जांच की गई थी। उत्तर प्रदेश में 19 जिलों को चिन्हित किया गया था, जहां युद्ध जैसी स्थिति में नागरिकों की सुरक्षा और आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखा गया था।
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