उत्तराखंड सरकार ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए 5 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत वाली योजनाओं की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपी है। अब विभिन्न विभागों के मंत्री ऐसी सभी बड़ी परियोजनाओं की फाइल पहले सौरभ बहुगुणा को भेजेंगे। उनके स्तर पर परीक्षण और समन्वय के बाद ही प्रस्ताव मुख्यमंत्री के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए भेजे जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से बड़ी परियोजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी।
इससे विभागों के बीच समन्वय भी मजबूत होगा और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ेगी। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य बड़ी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है। सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर योजनाओं की समीक्षा की जाएगी, ताकि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और जनहित की परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सके।
उत्तराखंड सरकार का यह निर्णय प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने और बड़ी विकास परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा सकता है। यदि नई व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है और विभागों के बीच समन्वय बेहतर रहता है, तो राज्य की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति मिल सकती है। हालांकि किसी भी नई प्रशासनिक व्यवस्था की सफलता उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि परियोजनाओं की मंजूरी, समीक्षा और धरातल पर कार्यान्वयन में वास्तव में कितनी तेजी आती है और जनता को इसका कितना लाभ मिलता है।
पुरानी प्रक्रिया बनाम नई व्यवस्था
नई व्यवस्था का उद्देश्य मंजूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
| पहलू | पहले | अब |
|---|---|---|
| फाइल प्रक्रिया | विभागीय स्तर पर अलग-अलग | पहले सौरभ बहुगुणा द्वारा समन्वय |
| परियोजना समीक्षा | आवश्यकता अनुसार | नियमित समीक्षा |
| विभागीय समन्वय | सीमित | केंद्रीकृत समन्वय |
| अंतिम मंजूरी | मुख्यमंत्री | समन्वय के बाद मुख्यमंत्री |
| लक्ष्य | सामान्य प्रक्रिया | तेज और पारदर्शी क्रियान्वयन |
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FAQs
Q1. नई व्यवस्था किन परियोजनाओं पर लागू होगी?
5 करोड़ रुपये और उससे अधिक लागत वाली विकास परियोजनाओं पर।
Q2. अब फाइल सबसे पहले किसके पास जाएगी?
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा के पास।
Q3. मुख्यमंत्री की भूमिका क्या रहेगी?
समन्वय और समीक्षा के बाद अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री द्वारा दी जाएगी।
Q4. सरकार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
विकास कार्यों में तेजी लाना, बेहतर समन्वय स्थापित करना और पारदर्शिता बढ़ाना।
Q5. क्या सभी विभाग इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे?
हाँ, 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं से जुड़े संबंधित विभाग इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।

