उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दावेदारों की लंबी कतार के बीच अब भारतीय जनता पार्टी में भी अंदरूनी खींचतान सामने आने लगी है। देहरादून की चार सीटों पर दावेदारी को लेकर घमासान देखने को मिल रहा है। मसूरी सीट पर मौजूदा विधायक और मंत्री गणेश जोशी के खिलाफ पार्टी के ही पूर्व मेयर सुनील उनियाल गामा मैदान में नजर आ रहे हैं। धर्मपुर सीट पर भी विधायक विनोद चमोली को अपने ही दल के कार्यकर्ताओं की चुनौती मिल रही है। वहीं कैंट विधानसभा सीट पर तो एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन दावेदार सामने आ चुके हैं।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि पार्टी इन दावेदारियों को कैसे संतुलित करेगी। इस पूरे मामले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने साफ संदेश दिया है कि कोई भी नेता सोशल मीडिया के जरिए दावेदारी पेश न करे, बल्कि जो भी दावेदारी करनी है वह पार्टी के तय फॉर्म और प्रक्रिया के तहत ही की जाए।
वहीं कांग्रेस ने भाजपा की इस स्थिति पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र शाह का कहना है कि भाजपा में अंतरकलह पहले से ही चल रही है और आने वाले चुनाव में इसका सीधा फायदा कांग्रेस को मिलेगा। भाजपा के अंदर जो आपसी खींचतान चल रही है, वह अब खुलकर सामने आ रही है। हर सीट पर कई दावेदार हैं, जिससे साफ है कि पार्टी के अंदर असंतोष है।
देहरादून की प्रमुख सीटों पर स्थिति
वर्तमान राजनीतिक चर्चाओं के अनुसार विभिन्न सीटों पर दावेदारी की स्थिति इस प्रकार बताई जा रही है।
| विधानसभा सीट | मौजूदा स्थिति |
|---|---|
| मसूरी | एक से अधिक नेताओं की सक्रियता |
| धर्मपुर | टिकट को लेकर अंदरूनी चुनौती की चर्चा |
| कैंट | कई संभावित दावेदार सामने |
| भाजपा नेतृत्व | प्रक्रिया के अनुसार टिकट चयन पर जोर |
Rahul Gandhi Defamation Case: सुल्तानपुर कोर्ट के फैसले से 18 जुलाई की सुनवाई का रास्ता साफ
Uttarakhand Election 2027: विधानसभा चुनाव में युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देगी BJP
Mahendra Bhatt: बूथ ही बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत, आगामी विधानसभा चुनाव के लिए संगठन पूरी तरह तैयार
FAQs
Q1. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने क्या संदेश दिया है?
उन्होंने कहा कि कोई भी नेता सोशल मीडिया के जरिए टिकट की दावेदारी न करे, बल्कि पार्टी की तय प्रक्रिया और आवेदन प्रणाली का पालन करे।
Q2. देहरादून की किन सीटों पर टिकट दावेदारी चर्चा में है?
मसूरी, धर्मपुर और कैंट विधानसभा सीटों पर कई संभावित दावेदारों की सक्रियता चर्चा का विषय बनी हुई है।
Q3. कांग्रेस ने भाजपा पर क्या आरोप लगाया है?
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा के भीतर अंदरूनी खींचतान और असंतोष बढ़ रहा है, जिसका लाभ आगामी चुनाव में कांग्रेस को मिल सकता है।
Q4. भाजपा का टिकट चयन कैसे होगा?
भाजपा के अनुसार टिकट वितरण पार्टी की आधिकारिक प्रक्रिया, संगठनात्मक मूल्यांकन और नेतृत्व के निर्णय के आधार पर किया जाएगा।
Q5. क्या टिकटों की आधिकारिक घोषणा हो चुकी है?
नहीं। फिलहाल विभिन्न नेताओं की दावेदारी की चर्चा है। उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा संबंधित राजनीतिक दल द्वारा उचित समय पर की जाएगी।

