विश्व बाघ दिवस 2026- विश्व बाघ दिवस के अवसर पर उत्तराखंड सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जनजागरूकता अभियान को और तेज करने का संदेश दिया है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से आयोजित कार्यशाला में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड केवल देवभूमि ही नहीं, बल्कि समृद्ध जैव विविधता और वन्यजीवों की धरोहर भी है, जिसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रदेश में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक कचरा न फैलाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों और स्वयंसेवी संगठनों की सहभागिता से प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड का अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान की तरह इस मुहिम को भी जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन बनाया जाएगा।
विश्व बाघ दिवस 2026: CM धामी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और वन्यजीवों का संरक्षण सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से प्लास्टिक कचरा न फैलाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
मुख्य Highlights
- विश्व बाघ दिवस पर विशेष कार्यशाला का आयोजन।
- प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड अभियान को मिलेगा नया जोर।
- श्रद्धालुओं और पर्यटकों से प्लास्टिक न फैलाने की अपील।
- युवाओं और शिक्षण संस्थानों की भागीदारी पर जोर।
- जनभागीदारी से अभियान को जनआंदोलन बनाने का लक्ष्य।

अभियान का सारांश
| पहलू | जानकारी |
|---|---|
| अवसर | विश्व बाघ दिवस 2026 |
| आयोजन | उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड |
| मुख्य संदेश | प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड |
| फोकस | पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण |
| सहभागिता | युवा, शिक्षण संस्थान, स्थानीय निकाय, स्वयंसेवी संगठन |
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FAQs
Q1. विश्व बाघ दिवस 2026 पर उत्तराखंड सरकार का मुख्य संदेश क्या था?
मुख्यमंत्री ने प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड और पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया।
Q2. प्लास्टिक मुक्त उत्तराखंड अभियान का उद्देश्य क्या है?
सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करना और पर्यावरण एवं वन्यजीवों का संरक्षण करना।
Q3. इस अभियान में किन लोगों की भागीदारी होगी?
युवा, शिक्षण संस्थान, स्थानीय निकाय, स्वयंसेवी संगठन, श्रद्धालु और पर्यटक।
Q4. कार्यशाला का आयोजन किसने किया?
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कार्यशाला का आयोजन किया।
Q5. पर्यटकों से क्या अपील की गई है?
प्राकृतिक और धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक कचरा न फैलाने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।

