Zubeen Garg Funeral: 19 सितंबर को 52 वर्षीय जुबीन गर्ग ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके निधन का कारण सिंगापुर में हुई एक स्कूबा डाइविंग दुर्घटना बताया गया है। इतनी कम उम्र में उनका अचानक जाना न केवल उनके परिवार और दोस्तों के लिए बल्कि उनके हजारों फैन्स के लिए भी बड़ी दुखद खबर है।
आज असम में उनका अंतिम संस्कार हुआ, जिसमें गायक जुबीन गर्ग की पत्नी, पिता और अन्य रिश्तेदारों ने गुवाहाटी के कमरकुची स्थित श्मशान घाट पर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी। अंतिम विदाई देने के लिए सड़क पर भी भारी भीड़ जमा हुई।
गुवाहाटी में अंतिम विदाई के लिए भीड़ का सैलाब
जुबीन को अंतिम विदाई देने के लिए गुवाहाटी के सरुसजई स्टेडियम में हजारों की संख्या में लोगों की भारी भीड़ जमा हुई. जैसे ही उनका पार्थिव शरीर स्टेडियम में लाया गया, लोगों ने फूलों, श्रद्धांजलि और भावपूर्ण गीतों के साथ उन्हें याद किया।
यह विशाल जनसमूह इतना बड़ा था कि इसे लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबीन गर्ग की अंतिम विदाई को दुनिया में चौथी सबसे बड़ी पब्लिक भीड़ के रूप में गिना गया। इस लिस्ट में अब तक माइकल जैक्सन, पोप फ्रांसिस और महारानी एलिजाबेथ द्वितीय जैसे यादगार आखिरी विदाई समारोह हैं।
अंतिम संस्कार की भावपूर्ण झलक
स्टेडियम में मौजूद लोग अपने चहेते गायक को आखिरी बार आंखों में भरना चाहते थे। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, गायक पापोन और भूटान नरेश के प्रतिनिधि सहित कई प्रमुख हस्तियों ने भी स्टेडियम में पहुंचे और जुबीन को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पार्थिव शरीर को पारंपरिक असमिया ‘गमोसा’ से ढके कांच के ताबूत में रखा गया था।
जुबीन के प्यारे पालतू भी अंतिम विदाई में शामिल
जुबीन के चार कुत्ते—इको, दीया, रैंबो और माया—भी अपने मालिक को आखिरी बार देखने के लिए स्टेडियम लाए गए। साथ ही पालतू जानवरों को ताबूत के पास ले जाकर उन्हें अंतिम दर्शन भी कराए।
हादसे का दुखद विवरण
जुबीन नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में परफॉर्म करने सिंगापुर गए थे। इस दौरान दोस्तों के साथ स्कूबा डाइविंग के लिए पानी में गए, जहां बेहोश होने से उनकी मौत हो गई। तत्काल बचाव और मेडिकल हेल्प के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
पोस्टमॉर्टम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
गर्ग के शव का गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दूसरी बार पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर फिर से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स लाया गया, जहां हजारों लोग अपने चहेते कलाकार को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
गर्ग के पार्थिव शरीर को कांच के ताबूत में रखा गया और पारंपरिक असमिया ‘गमोसा’ में लपेटकर फूलों से सजी एम्बुलेंस में ले जाया गया। वाहन के सामने गायक की एक बड़ी तस्वीर लगाई गई। उनके 85 वर्षीय पिता और पत्नी गरिमा सैकिया अलग-अलग वाहनों में उनके पीछे-पीछे चल रहे थे।
हजारों प्रशंसक गायक के पार्थिव शरीर के साथ चल रहे थे। जुबीन का अंतिम संस्कार खेल परिसर से लगभग 20 किलोमीटर दूर कमरकुची एनसी गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस दौरान हर कोई भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा था और पूरे शहर में गहरा दुख दिखाई दे रहा था।
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