अल्मोड़ा में ऑपरेशन स्वास्थ्य के विरोध में देहरादून कूच
अल्मोड़ा में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ आंदोलन तेज हो गया है। 24 दिनों से प्रदर्शन जारी रहने के बाद शुक्रवार को क्षेत्र के लोग गांव-गांव से जुटकर देहरादून कूच पदयात्रा पर निकल पड़े। आरती घाट पर महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने एकत्र होकर रैली निकाली, जिसमें ‘स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करो’, ‘डॉक्टर दो—अस्पताल बचाओ’, और ‘धामी सरकार होश में आओ’ जैसे नारों की गूंज रही। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ने मांगों पर ठोस पहल नहीं की तो भूख हड़ताल और प्रदर्शन और भी उग्र होंगे। फिलहाल रात्रि पड़ाव गैरसैंण में किया गया है जबकि अगले पड़ाव की तैयारी जारी है, प्रदर्शनकारी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ रहे हैं।
अनशन के दबाव में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती
अल्मोड़ा में ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ आंदोलन का 23वां दिन भी अनशन और धरनों के साथ जारी रहा, जहां आरती घाट पर नारायण मेहरा और मनोहर दत्त समेत कई लोग भूख हड़ताल में डटे रहे। क्षेत्र के अन्य लोगों ने समर्थन देते हुए आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया। बीते दो अक्टूबर से शुरू अनशन में अब तक 16 लोग भूख हड़ताल पर बैठ चुके हैं, जबकि 14 को पुलिस ने उठा लिया है। आंदोलन का असर दिखने लगा है—सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती प्रक्रिया शुरू हो गई है और ईसीजी मशीन का लाभ मरीजों तक पहुंचना शुरू हो गया है। साथ ही उप जिला चिकित्सालय के भवन निर्माण के लिये भी प्रक्रिया तेज हुई है, जिससे इलाके की स्वास्थ्य सुविधाएं धीरे-धीरे सुधर रही हैं।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

