उत्तराखंड में मानसून की मार का असर
इस साल उत्तराखंड में मानसून ने ऊर्जा निगम पर भी गहरा असर डाला है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और आपदाओं के कारण प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई और निगम को अब तक 45 करोड़ रुपये से अधिक का अनुमानित नुकसान हुआ है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। कुल नुकसान का लगभग 75 प्रतिशत पर्वतीय जिलों में दर्ज किया गया है, जहां सैकड़ों विद्युत पोल, कई किलोमीटर लंबी बिजली लाइनें और अनेक ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। ऊर्जा निगम अस्थायी बिजली आपूर्ति बहाल करने और नए पोल लगाने में जुटा हुआ है, साथ ही नागरिकों से बिजली संबंधी शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर 1912 पर संपर्क करने की अपील भी की गई है।
उत्तराखंड ऊर्जा निगम को करोड़ों रुपयों का नुकसान
उत्तराखंड में लगातार बारिश और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करना ऊर्जा निगम के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई क्षेत्रों में ट्राली ट्रांसफार्मर के जरिए अस्थायी आपूर्ति की जा रही है, जबकि नए पोल और ट्रांसफार्मर लगाने का कार्य तेजी से जारी है। इस बार के मानसून सीजन में निगम को अब तक 45 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है, जो पिछले साल हुए करीब 40 करोड़ के नुकसान से अधिक है। पहाड़ों में स्थित कई छोटे बिजली घरों को भी आंशिक क्षति पहुंची है, जिनकी मरम्मत का काम चल रहा है। निगम ने लोगों से अपील की है कि आपातकालीन परिस्थिति में बिजली आपूर्ति से संबंधित समस्या की सूचना तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1912 पर दें, ताकि समय रहते समाधान किया जा सके।
अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाली जारी
ऊर्जा निगम विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहा है। निदेशक परिचालन एमआर आर्य के अनुसार, बुधवार तक प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई है, लेकिन पर्वतीय जिलों के करीब 15 गांव अब भी अंधेरे में हैं। निगम की टीमें दिन-रात नए पोल स्थापित करने और नई विद्युत लाइनों को बिछाने में जुटी हैं, ताकि शेष प्रभावित क्षेत्रों में भी जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल की जा सके।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

