अब ग्रामीण स्कूलों में मिलेंगी शहर जैसी सुविधाएं, जिलाधिकारी सविन बंसल ने दिए त्वरित निर्देश

आज मंगलवार को जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्यूनी क्षेत्र का भ्रमण किया, इस दौरान उन्होंने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का निरीक्षण किया, जहां जिलाधिकारी सविन बंसल ने विद्यालय प्रशासन से सभी कमियों के बारे में जानकारी ली। इस पर जानकारी देते हुए विद्यालय की शिक्षिकाओं ने कहा कि वर्तमान में विद्यालय में 150 बालिकाएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उनके पास केवल 50 स्टडी टेबल उपलब्ध हैं। विद्यालय में उपकरण, फर्नीचर आदि में कमी को देखते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल ने त्वरित निर्णय लेते हुए विद्यालय के लिए 100 अतिरिक्त स्टडी टेबल की स्वीकृति दे दी, तो वहीं विद्यालय की लाइब्रेरी को स्मार्ट बनाने के लिए भी निर्देश दिए और यह भी निर्देश दिए कि लाइब्रेरी में एटलस, डिक्शनरी, महापुरुषों की जीवनी, कंपटीशन की मैगजीन, अंग्रेजी समाचार पत्र आदि ज्ञानवर्धक पुस्तकें रखी जाएं। उन्होंने विद्यालय भोजन माता की सुविधा के लिए रोटी मेकर मशीन लगाने के निर्देश भी दिए, जिसके लिए बजट का प्रावधान किया गया।

 

 

 

 

जिलाधिकारी सविन बंसल ने दिए त्वरित निर्देश

 

 

 

 

 

अपने अवलोकन निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सविन बंसल ने यह भी पाया कि विद्यालय में दसवीं कक्षा के बाद विज्ञान वर्ग में जीवविज्ञान विषय और कॉमर्स वर्ग नहीं है, जिस कारण छात्रों को दूर के स्कूलों में जाना पड़ता है, इस पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को CBSC के लिए प्रस्ताव बनाने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी सविन बंसल ने विद्यालय में खेल की सुविधाओं के साथ ही योग शिक्षक, कंप्यूटर शिक्षक और कराटे कोच की नियुक्ति की स्वीकृति भी प्रदान करी। वैसे तो विद्यालय में पहले से तीन महिला सुरक्षा गार्ड्स कार्यरत हैं, लेकिन इसके बावजूद जिलाधिकारी सविन बंसल ने तीन नई महिला सुरक्षा गार्ड्स की नियुक्ति के निर्देश दिए हैं। तो वहीं विद्यालय में पानी की उचित व्यवस्था के लिए उप जिलाधिकारी चकराता को जल संस्थान के साथ समन्वय कर जल पूर्ती के लिए सही योजना बनाने के भी निर्देश दिए हैं।

 

 

 

 

 

लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

More From Author

उत्तराखंड में वन अफसरों ने लगाया सरकार को चूना, वन निधि के पैसों से उड़ाई मौज…एक्सपायर दवाएं, करोड़ों की धांधली…CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

3 साल से सूखा पड़ा यह जलस्त्रोत, स्थानीय लोग हैं परेशान…बुझ रहे प्राकृतिक जल स्त्रोत, प्रशासन है मौन