नेपाल हिंसा का भारत पर पड़ता असर
नेपाल में पिछले चार दिनों से जारी हिंसा और आगजनी का असर अब भारत की सीमाओं पर भी साफ देखा जा रहा है। वहां बिगड़ते हालातों के बीच गुरुवार को नेपाल सीमा पर थोड़ी देर के लिए ढील दी गई, जिसके बाद नेपाली नागरिक बड़ी संख्या में भारत आने लगे। विशेषकर पिथौरागढ़ जिले के धारचूला और झूलाघाट सीमाओं पर भारी भीड़ उमड़ी। बड़ी संख्या में लोग झूला पुल से तेजी से भारत की ओर पहुंचे, जहां बाजारों में खरीदारी करते हुए खचाखच भीड़ दिखाई दी। दोनों झूला पुलों पर भारत में प्रवेश को लेकर लंबी कतारें लगीं। सीमावर्ती भारतीय बाजार नेपाली नागरिकों के लिए राहत का केंद्र बने हुए हैं। नेपाल में जारी हिंसा और बंदी के बीच भारत पहुंचने वाले नेपाली नागरिक खाद्य सामग्री और आवश्यक सामान तेजी से खरीद रहे हैं। धामी सरकार और प्रशासनिक अमला स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि सीमा क्षेत्र में किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
नेपाल हिंसा के चलते जरूरत का सामान लेने भारत पहुंचे लोग
नेपाल में लगातार जारी हिंसा और बाजार बंदी से वहां के नागरिकों को दवाइयां, राशन और सब्जियों जैसी जरूरी चीजों की किल्लत का सामना करना पड़ा। हालात बिगड़ने के बीच नेपालियों ने राहत के लिए भारत के सीमावर्ती बाजारों का रुख किया। इस दौरान सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने सभी नागरिकों के पहचान पत्र की जांच की और रजिस्टर में डिटेल दर्ज कराकर नियंत्रित आवाजाही की अनुमति दी। वहीं, चम्पावत जिले की बनबसा और टनकपुर सीमा पर सुरक्षा सख्ती से बरकरार रही, जिस वजह से नेपाल के नागरिकों को यहां प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, नेपाल के महेंद्रनगर में कर्फ्यू में ढील मिलने से वहां के लोगों को कुछ राहत जरूर मिली है।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

