ऋषिकेश में वीकेंड पर भारी भीड़ और लंबा जाम
ऋषिकेश में बारिश खत्म होने के बाद सप्ताहांत में पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर लंबा और लगातार जाम बना रहा। रेलवे फाटक के बार-बार बंद होने से स्थिति और गंभीर हो गई, जिससे स्थानीय लोग खासा परेशान रहे। पुलिस ने व्यस्त मार्गों पर अतिरिक्त बल तैनात किया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी अपर्याप्त होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। सुबह नौ बजे से भारतीय विभिन्न राज्यों जैसे पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश आदि से भारी संख्या में पर्यटक हरिद्वार की ओर आ रहे थे, जिसके कारण खैरी खुर्द, श्यामपुर, गुमानीवाला और ऋषिकेश के बाजार इलाकों में लंबा जाम लग गया। इस भीड़-भाड़ ने पर्यटन स्थल ऋषिकेश की सुखद यात्रा को प्रभावित किया है।
रेलवे फाटक बंद से ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग पर भीषण जाम
श्यामपुर और मंशादेवी के रेलवे फाटक पर ट्रेन के आवागमन के कारण बार-बार फाटक बंद रहने से ऋषिकेश-हरिद्वार मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में यातायात की स्थिति गंभीर हो गई। दोपहर और शाम के समय मंशादेवी फाटक बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे तीनों मार्गों में वाहनों का आमने-सामने फंसना आम बात हो गई और चालक बीच-बीच में नोंक-झोंक करते रहे। इसके अलावा, लोनिवि तिराहा, त्रिवेणी घाट चौक, देहरादून तिराहा, चंद्रभागा पुल, लक्ष्मणझूला मार्ग, गौरा देवी चौक, इंद्रमणी बडोनी चौक और ढालावाला मार्ग पर भी भीषण जाम रहा। ऋषिकेश कोतवाल प्रदीप कुमार राणा ने बताया कि सप्ताहांत होने की वजह से यातायात का दबाव बढ़ा है, जिसके चलते व्यस्ततम मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है और सिटी पेट्रोलिंग यूनिट तथा यातायात पुलिस भी यातायात नियंत्रण में लगी हुई है। इस कदम से ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।
रोजाना मंशा देवी रेलवे फाटक पर जाम और झगड़े
मंशा देवी रेलवे फाटक के बंद रहने के कारण दोपहर और शाम के समय वाहनों की लंबी कतारें मुख्य मार्ग तक पहुंच जाती हैं, जिससे तीनों ओर यातायात संचालन गंभीर रूप से बाधित होता है। इस दौरान वाहन चालक निकास की जल्दी में नियमों की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से वाहन चलाते हैं, जिससे कई बार वाहनों को हल्का भी आगे-पीछे करना मुश्किल हो जाता है। इस बेहद संवेदनशील इलाके में पुलिस कर्मियों की कमी और उनकी अनुपस्थिति से यातायात नियंत्रण में दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं, जिसके कारण लोग असंतुष्ट और रोषित हैं। लगातार बढ़ते झगड़े और विवाद के बीच सवाल उठता है कि यदि विवाद हिंसक रूप ले तो इसका जिम्मेदार कौन होगा। इस संदर्भ में पुलिस की सक्रियता और सख्ती आवश्यक नजर आ रही है ताकि दुर्घटना और अनहोनी से बचा जा सके।
लेखक- शुभम तिवारी (HNN24X7)

