AI Murder Case: कैलिफोर्निया और कनेक्टिकट में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ पहली बार किसी AI चैटबॉट, ChatGPT पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला 83 साल की सुज़ैन एडम्स और उनके 56 साल के बेटे स्टीन-एरिक सोएल्बर्ग से जुड़ा है।
मुकदमे में कहा गया है कि ChatGPT ने स्टीन-एरिक की मानसिक स्थिति को प्रभावित किया और उसे यह यकीन दिलाया कि उसकी मां उसके खिलाफ हत्या की साजिश रच रही है। इसके बाद उसने अपनी मां की हत्या की और खुद आत्महत्या कर ली।
मुकदमे का आरोप
एडम्स के परिवार का कहना है कि ChatGPT ने स्टीन-एरिक के ‘पैरानॉइड’ सोच को बढ़ावा दिया। उसने AI को ‘बॉबी’ नाम दिया और लगातार बातचीत के दौरान उसकी मानसिक स्थिति पर असर डाला। परिवार का आरोप है कि अगर ओपनएआई ने अपने AI के लिए सुझाए गए सुरक्षा उपाय समय पर लागू किए होते, तो यह घटना टल सकती थी।
जांच से यह भी सामने आया कि स्टीन-एरिक सोएल्बर्ग घंटों ChatGPT से बातें करता था। ChatGPT ने उसे करीबी लोगों से दूर करने में मदद की और स्टीन-एरिक को अपनी मां सुज़ैन को मारने के लिए उकसाया। हालांकि, बाद में स्टीन-एरिक ने खुद की भी जान ले ली। मुकदमे में ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन पर आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा परीक्षण (सिक्योरिटी टेस्ट) में जल्दबाजी की और GPT-4o मॉडल को रिलीज़ कर दिया। वहीं, ओपनएआई की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट पर भी आरोप है कि उन्होंने सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के बावजूद प्रोडक्ट लॉन्च की अनुमति दी। इस मामले पर माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विशेषज्ञ और वकीलों की प्रतिक्रिया
मामले से जुड़े वकीलों ने इसे ‘टर्मिनेटर से भी ज्यादा डरावना’ बताया। उनका कहना है कि यह घटना AI के संभावित खतरों और प्रभाव को उजागर करती है। यह मुकदमा कैलिफोर्निया के सुपीरियर कोर्ट में दायर किया गया है, और इसमें अनिश्चित राशि के मुआवजे के साथ-साथ ChatGPT में सुरक्षा सुधारों की मांग की गई है।
Read more:- ChatGPT बनेगा अब ‘सुपर ऐप’, कैब बुकिंग से पेमेंट तक सबकुछ एक ही जगह होगा
Also Follow HNN24x7 on Youtube

