Somnath Swabhiman Parv

गुजरात में Somnath Swabhiman Parv का शुभारंभ, कार्यक्रम में भाग लेंगे PM मोदी

Somnath Swabhiman Parv: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 जनवरी को गुजरात के ऐतिहासिक सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए 3 दिवसीय दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

सोमनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद पीएम मोदी ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत आयोजित ‘शौर्य यात्रा’ का नेतृत्व करेंगे। यह यात्रा एक किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें 108 घोड़े शामिल होंगे। पीएम मोदी के इस दौरे के दौरान गांधीनगर में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के साथ द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने की भी योजना है।

‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ का शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी ने 9 जनवरी को सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा, ‘आज से सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की शुरुआत हो रही है। यह पर्व 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण की याद दिलाता है। वह आक्रमण और बाद के हमले हमारी अडिग आस्था को नहीं हिला पाए, बल्कि हमारी सांस्कृतिक एकता को और सशक्त किया।’

इस साल ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के आयोजन का खास महत्व है क्योंकि यह सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनवी द्वारा किए गए आक्रमण के 1000 साल पूरे होने का प्रतीक है। साथ ही, 2026 में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष भी पूरे होंगे।

सांस्कृतिक एकता का प्रतीक सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर भारतीय इतिहास और संस्कृति का अहम हिस्सा है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बन चुका है। पीएम मोदी के श्री सोमनाथ ट्रस्ट का अध्यक्ष बनने के बाद मंदिर का कायाकल्प हुआ और इसकी प्रमुखता में इजाफा हुआ। आज, हर साल लगभग एक करोड़ श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि कई बार हुए हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर हमेशा अखंड, अविनाशी और सनातन शक्ति के रूप में खड़ा रहा है। यही वजह है कि आज भी श्रद्धालु इस मंदिर के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से आते हैं।

सोमनाथ का सतत विकास और नवाचार

सोमनाथ को 2018 में ‘स्वच्छ आइकोनिक प्लेस’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई थी। अब मंदिर में चढ़ाए गए फूलों को वर्मी कम्पोस्ट में बदलकर बेल वृक्षों के संरक्षण में उपयोग किया जाता है। इस प्रकार, मंदिर न केवल धार्मिक केंद्र के रूप में, बल्कि सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के मॉडल के रूप में भी उभर कर सामने आया है।

सोमनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 2025 तक मंदिर के इंटरनेट मीडिया इम्प्रेशन 1.37 अरब तक पहुंच गए हैं, जो इसके विश्वभर में बढ़ते महत्व को दर्शाता है।

Read more:- PM Modi ने Gen Z से जताई उम्मीद, कहा- आपके हुनर पर है पूरा भरोसा

More From Author

World Book Fair

10 जनवरी से शुरू होगा World Book Fair, जानें इस बार क्या है खास

Delhi-NCR Rain

Delhi-NCR Rain: दिल्ली में हल्की बारिश से बढ़ी ठंड, न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री तक पहुंचा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *