Mauni Amavasya

Mauni Amavasya पर माघ मेले में श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

प्रयागराज, 18 जनवरी 2026, Mauni Amavasya : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आज मौनी अमावस्या का पावन पर्व मनाया जा रहा है। त्रिवेणी संगम में लाखों-करोड़ों श्रद्धालु कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। हर-हर गंगे के उद्घोष के साथ पूरा माघ मेला क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा से गूंज रहा है। मेला प्रशासन का अनुमान है कि आज साढ़े तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान कर सकते हैं।

मौनी अमावस्या का मुहूर्त और स्नान का सिलसिला

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, मौनी अमावस्या 17 जनवरी रात 11:53 बजे से शुरू होकर 18 जनवरी रात 1:08 बजे तक रहेगी। मुहूर्त शुरू होते ही संगम तट पर स्नान का सिलसिला तेज हो गया है और यह देर रात तक जारी रहने की संभावना है। श्रद्धालु मौन रहकर स्नान कर रहे हैं, क्योंकि मौनी अमावस्या में मौन व्रत का विशेष महत्व है।

मकर संक्रांति पर 1.03 करोड़ स्नान

माघ मेले में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। 3 जनवरी को 31 लाख, 14 जनवरी (एकादशी) को 85 लाख और 15 जनवरी (मकर संक्रांति) को रिकॉर्ड 1 करोड़ 3 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था। मौनी अमावस्या पर आज की भीड़ इन आंकड़ों को और पीछे छोड़ सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

भारी भीड़ को देखते हुए माघ मेले की सुरक्षा में विशेष सतर्कता बरती गई है। ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) की यूनिट को तैनात किया गया है। मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी, सादी वर्दी में जवान, STF कमांडो और ड्रोन से जल, थल और नभ से निगरानी की जा रही है। नावों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। गंगा और यमुना में तेज बहाव और भीड़ के कारण नावें चलाने की अनुमति नहीं है।

अक्षय वट दर्शन पर रोक

भारी भीड़ के चलते अक्षय वट के दर्शन पर भी रोक लगा दी गई है। लाखों स्नानार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज और कल 19 जनवरी तक अक्षय वट दर्शन बंद रहेंगे। मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचें और निर्देशों का पालन करें।

सीएम योगी का संदेश: हर-हर गंगे!

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा: ‘आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर पवित्र संगम स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतगणों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का आत्मीय अभिनंदन। मोक्षदायिनी मां गंगा और भगवान सूर्य की कृपा से सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों, जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प जगे, यही प्रार्थना है। हर हर गंगे!’

श्रद्धालुओं की आस्था पर ठंड नहीं असर

कड़ाके की ठंड और घना कोहरा होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था टस से मस नहीं हुई। सुबह से ही संगम घाटों पर भक्तों की लंबी कतारें लगी हैं। मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आपातकालीन सेवाएं भी पूरी तरह सक्रिय हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे सतर्क रहें, भीड़ में धक्का-मुक्की से बचें और बच्चों-बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें।

मौनी अमावस्या माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्वों में से एक है, जो मोक्ष प्राप्ति और पापों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। आज का स्नान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक महत्व रखता है।

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