Delhi Rohini Accident: दिल्ली में खुले गड्ढे अब मौत का कारण बनते जा रहे हैं। अभी हाल ही में जनकपुरी में हुए हादसे का शोर ठंडा भी नहीं हुआ था कि रोहिणी सेक्टर 32 में एक और दुर्घटना सामने आई है, जिसमें 32 वर्षीय बिरजू कुमार की खुले नाले में गिरकर मौत हो गई।
हादसा कैसे हुआ?
यह हादसा दिल्ली जल बोर्ड और अन्य एजेंसियों की लापरवाही के कारण हुआ। जिस मैनहोल में युवक गिरा, वह सड़क के समान ऊंचाई पर था, जबकि मैनहोल सामान्यतः सड़क से थोड़ा ऊंचा होना चाहिए। सोमवार रात बिरजू कुमार सड़क पर चलते हुए खुले सीवर में गिर गए। नशे की हालत में उनके दोस्त ने किसी को सूचित नहीं किया, और मंगलवार दोपहर तक घटना की जानकारी मिली। जब तक बचाव कार्य शुरू हुआ, तब तक बिरजू की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद सीवर के होल को बंद कर दिया गया है।
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने समय पर इस घटना की जानकारी नहीं दी और सुरक्षा उपायों की कमी रही। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते मैनहोल को ढका गया होता और रोशनी की व्यवस्था की जाती, तो यह हादसा टल सकता था। जनकपुरी के हादसे में भी प्रशासन ने खुले गड्ढे को रातों-रात ढकने की कोशिश की, लेकिन तब तक एक बाइक सवार युवक की जान जा चुकी थी।
पहले भी हो चुका है हादसा
यह हादसा चार दिन पहले जनकपुरी में हुए हादसे की याद दिलाता है, जिसमें एक युवक दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए गड्ढे में गिरकर मौत का शिकार हो गया था। इन घटनाओं ने प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा उपायों की कमी को उजागर किया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी
रोहिणी के हादसे के बाद पुलिस और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन तब तक बिरजू की मौत हो चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, युवक और उसके दोस्त ने सोमवार रात शराब पी थी, और नशे की हालत में बिरजू गड्ढे में गिर गया था। उसके बाद उसके दोस्त ने समय पर पुलिस को सूचित नहीं किया, जिससे बचाव कार्य में देरी हुई।
जनकपुरी में भी थी लापरवाही
जनकपुरी में भी प्रशासन की लापरवाही के कारण एक युवक की जान गई थी। उस वक्त खुले गड्ढे को तुरंत ढकने की कोशिश की गई थी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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