Ujjain Mahakal Temple: धर्मनगरी उज्जैन में शुक्रवार सुबह एक अहम घटना सामने आई। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में चल रहे खुदाई कार्य के दौरान एक विशाल शिवलिंग मिला है। खास बात यह है कि यह शिवलिंग बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर मिला, जिसे कई श्रद्धालु भगवान महाकाल का आशीर्वाद मान रहे हैं।
भस्म आरती के समय हुई खोज
बताया जा रहा है कि शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे, जब मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती चल रही थी, उसी समय मंदिर के पास एक हेरिटेज होटल और प्रीपेड बूथ के नजदीक खुदाई की जा रही थी। भारी मशीनों से मिट्टी हटाने के दौरान श्रमिकों को एक पत्थर जैसी संरचना दिखाई दी, जिसे साफ करने पर एक विशाल शिवलिंग सामने आया।
पुरातत्व विभाग को दी गई सूचना
शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही वहां भक्तों का तांता लग गया और पूरा इलाका ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। मंदिर के पुजारी आकाश शर्मा ने मौके पर पहुंचकर विधि-विधान से शिवलिंग का पूजन और जलाभिषेक किया। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर के पास खुदाई के दौरान, जब भस्म आरती चल रही थी, उसी समय यह शिवलिंग मिला। उन्होंने कहा कि पूरा परिसर बाबा महाकाल का है और यहां कण-कण में शिव विराजते हैं। इस शिवलिंग के दर्शन को भक्त बहुत शुभ मान रहे हैं।
सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया के अनुसार प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल खुदाई का काम धीमा कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘यदि और कोई अवशेष मिलते हैं तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। हम सावधानीपूर्वक काम कर रहे हैं और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।’
खुदाई क्यों हो रही है?
उज्जैन में वर्ष 2028 में सिंहस्थ कुंभ का आयोजन होना है। इसके लिए मंदिर विस्तार और विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। इसी परियोजना के तहत जमीन को समतल करने के लिए मशीनों से खुदाई की जा रही थी। भक्तों का मानना है कि इस खोज ने उज्जैन की धार्मिक विरासत को एक बार फिर दुनिया के सामने ला दिया है।
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