Petrol-Diesel Price: इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में जारी तनाव का असर अब देश की आम जनता की जेब पर दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने महज 5 दिनों के भीतर आम जनता को महंगाई का दूसरा बड़ा झटका दिया है। मंगलवार (19 मई) से देशभर में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू हो गई हैं।
राहत की बात सिर्फ इतनी है कि इस बार एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
5 दिन पहले भी बढ़े थे 3 रुपये
इससे पहले पिछले शुक्रवार यानी 15 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की थी। अब मंगलवार को एक बार फिर ईंधन के दामों में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा कर दिया गया है। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने साल 2022 के उस दौर की याद दिला दी है, जब हर रोज तेल की कीमतें थोड़ी-थोड़ी बढ़ती थीं।
कितनी बड़ी कीमत
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 87 पैसे बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीजल 91 पैसे महंगा होकर 91.58 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार हो रही बढ़ोतरी से लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
अन्य महानगरों की बात करें तो मुंबई में पेट्रोल 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.08 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। कोलकाता में पेट्रोल की कीमत 109.70 रुपये और डीजल 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गई है। चेन्नई में पेट्रोल 104.49 रुपये और डीजल 96.11 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी की वजह से तेल कंपनियों पर भारी दबाव है। कीमतों में इस बढ़ोतरी से पहले तेल कंपनियों का रोजाना का घाटा करीब 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जो अब घटकर लगभग 750 करोड़ रुपये प्रतिदिन रह गया है। क्रिसिल (CRISIL) के अनुमान के मुताबिक, सरकार की तरफ से एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में राहत और हालिया बढ़ोतरी के बाद भी कंपनियों को पेट्रोल पर ₹10 और डीजल पर ₹13 प्रति लीटर का घाटा हो रहा है। आशंका है कि मई के अंत तक यह कुल घाटा 1 लाख करोड़ रुपये के पार जा सकता है।
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