राजधानी के मुसल्लहपुर हाट स्थित ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ में 2 जून की रात हुए हंगामे और फायरिंग के मामले में प्रसिद्ध शिक्षक फैजल खान उर्फ Khan Sir को अदालत से एक बार फिर बड़ी राहत मिली है। शनिवार (20 जून, 2026) को पटना सिविल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीश ने खान सर की गिरफ्तारी पर लगी रोक को अगली सुनवाई तक के लिए बरकरार रखा है।
अदालत ने पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि आगामी सुनवाई तक खान सर और उनके तीन स्टाफ सदस्यों के खिलाफ ‘कोई कठोर या दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। मामले की अगली सुनवाई अब 25 जून को निर्धारित की गई है।
दहशत फैलाने के लिए हुई थी फायरिंग
सुनवाई के दौरान पुलिस प्रशासन की ओर से अदालत में अपडेटेड केस डायरी प्रस्तुत की गई। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने डायरी में इस बात का विशेष तौर पर उल्लेख किया है कि इलाके में दहशत का माहौल बनाने के उद्देश्य से ही उस रात फायरिंग की गई थी।
जहां एक तरफ खान सर को कोर्ट से अंतरिम राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ उनके दोनों निजी सुरक्षा गार्डों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। अदालत ने दोनों गार्डों को 25 जून तक न्यायिक हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उनकी जमानत याचिका पर भी इसी दिन (25 जून) सुनवाई होगी।
क्या है पूरा मामला?
बीती 2 जून की रात को मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थान के बाहर भारी बवाल हुआ था। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि खान सर के इशारे पर उनके दो निजी सुरक्षा गार्डों ने दो-दो राउंड हवाई फायरिंग की थी। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने दर्ज प्राथमिकी (FIR) में मुख्य आरोपी के तौर पर फैजल खान (खान सर) का नाम भी शामिल किया था।
इससे पहले 9 जून को हुई सुनवाई में लोक अभियोजक राजेश कुमार ने खान सर की जमानत का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया था कि गार्ड प्रदीप कुमार को निजी सुरक्षा के लिए हथियार मिला था, जिसका दुरुपयोग खान सर की सुरक्षा में किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, एक गार्ड का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वहीं खान सर के वकील अरविंद कुमार मऊआर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार बताया है।
इस पूरे घटनाक्रम में एक और नया मोड़ तब आया जब मामले के सह-आरोपी और ‘ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी’ के निदेशक रौशन आनंद के भाई की नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
रौशन आनंद ने सार्वजनिक रूप से खान सर पर अपने भाई की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कदमकुआं थाने में इस बाबत शिकायत दर्ज न किए जाने के विरोध में धरना भी दिया था। रौशन आनंद का आरोप है कि प्रशासन इस मामले में भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है; जहां उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया, वहीं मुख्य नामजद आरोपी होने के बावजूद खान सर के खिलाफ अब तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है।
फिलहाल, 25 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, जहां अदालत केस डायरी और दोनों पक्षों की नई दलीलों के आधार पर आगे का फैसला सुनाएगी।
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