Pune Ketan Murder: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की घटना आपको याद ही होगी, जिसमें मेघालय में हनीमून के दौरान उनकी हत्या कर दी गई थी और साजिश रचने का आरोप उनकी पत्नी और उसके प्रेमी पर लगा था। अंतर सिर्फ इतना है कि उस मामले में शादी के बाद हनीमून के दौरान पति की हत्या का आरोप लगा था, जबकि अब पुणे से सामने आए इस मामले में शादी की तैयारियों के बीच ऐसी घटना होने का आरोप है।
जी हां, कुछ ऐसा ही मामला अब पुणे से सामने आया है। यहां 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत को पहले एक दुर्घटना बताया गया था, लेकिन जांच में इसके पीछे की कहानी कुछ और ही निकलकर सामने आई। क्या है पूरा मामला, आइए बताते हैं।
350 फीट गहरी खाई में धकेलने का आरोप
पुणे के पास गहुंजे के रहने वाले 24 वर्षीय केतन अग्रवाल अपने पारिवारिक रियल एस्टेट कारोबार में डायरेक्टर थे। नवंबर में उनकी शादी सिया गोयल से होने वाली थी। दोनों परिवारों में तैयारियां बड़े स्तर पर चल रही थीं और राजस्थान के उदयपुर में एक आलीशान पैलेस भी बुक किया जा चुका था।
हालांकि, बताया जा रहा है कि सिया इस शादी से खुश नहीं थी और वह 22 वर्षीय चेतन चौधरी के साथ संबंध में थी। पुलिस के अनुसार, परिवार या केतन को इस बारे में बताने के बजाय सिया ने कथित तौर पर एक अलग रास्ता चुना और चेतन चौधरी के साथ मिलकर साजिश रची।
बताया जाता है कि केतन अपनी मंगेतर सिया के 19 जून के जन्मदिन को लेकर बेहद उत्साहित थे। जन्मदिन मनाने के लिए महाबलेश्वर के एक लग्जरी रिसॉर्ट में करीब 40 कमरे बुक किए गए थे। दोनों परिवारों के सदस्य और दोस्त इस जश्न में शामिल होने वाले थे। 19 जून को सभी ने लोहागढ़ किले पर ट्रेकिंग का प्लान बनाया। इस ट्रेक में केतन, सिया और सिया के दो करीबी दोस्त शामिल थे, जिनमें चेतन चौधरी भी था। पुलिस के अनुसार, किले पर पहुंचने के बाद केतन को एक ऐसी जगह ले जाया गया, जहां से गहरी खाई दिखाई देती थी। आरोप है कि वहीं से उन्हें करीब 350 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया गया।
कैसे रची गई दुर्घटना की कहानी?
रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना के तुरंत बाद दोनों आरोपियों ने खुद को बचाने के लिए पहले से तैयार कहानी पर काम करना शुरू कर दिया। आरोप है कि केतन के खाई में गिरने के बाद सिया और चेतन ने शोर मचाया और लोगों को बताया कि केतन खाई के किनारे खड़े होकर फोटो खींच रहे थे। उसी दौरान तेज हवा का झोंका आया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए।
चूंकि लोहागढ़ किला एक मशहूर पर्यटन स्थल है और वहां अक्सर तेज हवाओं के कारण हादसे होने की खबरें सामने आती रहती हैं, इसलिए शुरुआती जांच में पुलिस ने भी इसे एक दुर्घटना माना। आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच लगभग बंद कर दी गई थी।
कैसे चला सच का पता?
जब पुलिस ने मामले की गहराई से तकनीकी जांच शुरू की, तो केतन, सिया और चेतन के मोबाइल फोन से डिलीट किया गया डेटा, कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया चैट्स सामने आईं। पुलिस का दावा है कि इन सबूतों से पता चला कि यह कोई हादसा नहीं था, बल्कि पहले से बनाई गई एक साजिश का हिस्सा था।
पुलिस के मुताबिक, सिया गोयल और चेतन चौधरी ने मिलकर यह योजना बनाई थी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम फैसला अदालत में होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर सिया इस शादी से खुश नहीं थी, तो क्या वह अपने परिवार या केतन को अपनी बात नहीं बता सकती थी? एक रिश्ता खत्म करने के कई रास्ते हो सकते हैं, लेकिन क्या किसी की जान लेना कभी किसी समस्या का समाधान हो सकता है?
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