Siddharthnagar News – सिद्धार्थनगर जिले के थाना शिवनगर डिंडई क्षेत्र अंतर्गत एन एच 28 बस्ती- बांसी मार्ग के खुंटहना चौराहे पर क्षेत्र के एक गाँव के ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही का आरोप लगाते हुए बस्ती- बांसी रोड को जाम कर दिया। सूचना पर मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने समझा- बुझाकर लोगों को रोड से हटाने का काफी प्रयास किया परन्तु सफलता नहीं मिली। ग्रामीण व क्षेत्रवासियों में पुलिस की लापरवाही को लेकर काफी आक्रोश दिखा, इस दौरान उग्र लोगों ने पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विश्वमित्र सिंह व सीओ शुभेन्दु सिंह ने पीड़ित परिवार को अपने तरीके, समझाया और लापरवाह पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही का आश्वासन दिया तब जाकर लोग रोड से हटने को तैयार हुए और प्रशासन ने राहत की सांस लिया।
आपको को बता दे 03 जुलाई को करही चौराहे पर हुई एक दुर्घटना में पुलिस की लापरवाही को लेकर उग्र हुआ। नदांव गाँव निवासी रामनरेश गुप्ता पुत्र पल्टूराम 03 जुलाई को मोटरसाइकिल से बेटी के घर जाने को कहकर घर से निकले थे। जब वह बेटी के घर न नहीं पहुंचे न ही कोई जानकारी मिली तो परिजनों ने 04 जुलाई को थाना शिवनगर में रामनरेश गुप्ता की गुमशुदगी दर्ज करा दी। परिजनों के अनुसार तब से लेकर अब तक वह सब चिंता में पडे थे।
इसी बीच पुलिस ने थाने पर बुलाकर परिजनों को सूचना दी कि रामनरेश गुप्ता का 03 जुलाई को करही चौराहे पर एक्सीडेंट हो गया था उनकी बाइक को पुलिस थाना पर ले गई। पुलिस द्वारा घायल रामनरेश गुप्ता को सीएचसी तिलौली, फिर रिफर होने पर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहाँ उनकी मृत्यु हो गई और शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोग रोड से हट गए। मौके पर सर्किल के चार थाना की पुलिस मौजूद रही। आवागमन बहाल होने के बाद भी बडी तादाद में पुलिस बल तैनात रही।
Protest क्यों हुआ? पूरा मामला समझिए
03 जुलाई को करही चौराहे पर हुई सड़क दुर्घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर विवाद शुरू हुआ। परिजनों का आरोप है कि उन्हें कई दिनों तक घटना की सही जानकारी नहीं दी गई, जिससे उनका आक्रोश बढ़ गया।
मुख्य बिंदु
- 03 जुलाई को रामनरेश गुप्ता घर से निकले थे।
- 04 जुलाई को थाना शिवनगर में गुमशुदगी दर्ज हुई।
- पुलिस ने बाद में दुर्घटना की जानकारी दी।
- शव का लावारिस में अंतिम संस्कार किए जाने का आरोप।
Timeline क्या कहती है?
पूरे मामले में घटनाओं का क्रम पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। नीचे प्रमुख घटनाओं की टाइमलाइन दी गई है।
| तारीख | घटना |
|---|---|
| 03 जुलाई | रामनरेश गुप्ता घर से निकले और दुर्घटना हुई |
| 04 जुलाई | परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई |
| बाद में | पुलिस ने दुर्घटना और मृत्यु की जानकारी दी |
| अंतिम संस्कार | शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार होने का आरोप |
| विरोध प्रदर्शन | ग्रामीणों ने NH-28 जाम किया |
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FAQs
Q1. सिद्धार्थनगर में सड़क जाम क्यों लगाया गया?
ग्रामीणों ने पुलिस की कथित लापरवाही और मृतक के लावारिस अंतिम संस्कार के आरोप को लेकर सड़क जाम किया।
Q2. यह घटना किस थाना क्षेत्र की है?
यह मामला थाना शिवनगर डिंडई क्षेत्र का है।
Q3. प्रदर्शन कब समाप्त हुआ?
एसडीएम और सीओ द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
Q4. मृतक कौन थे?
मृतक की पहचान नदांव गांव निवासी रामनरेश गुप्ता के रूप में हुई।
Q5. प्रशासन ने क्या आश्वासन दिया?
अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।

