₹2,000 से ज्यादा के UPI Merchant Payment पर लग सकता है चार्ज
UPI MDR Charges – केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ पेश किया। इस बिल का प्रमुख उद्देश्य बैंकों और भुगतान सेवा प्रदाताओं पर नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने की रोक को समाप्त करना है। इससे व्यापारियों पर प्रभाव पड़ सकता है, खासकर यूनीफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) ट्रांजैक्शन पर। यदि सरकार इस प्रस्ताव को लागू करती है, तो 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर व्यापारियों को 0.25% से 0.40% तक का चार्ज चुकाना पड़ सकता है। यह चार्ज बिजनेस से बिजनेस ट्रांजैक्शन के लिए होगा। हालांकि, सामान्य UPI खाते से दूसरे सामान्य UPI खाते में किए जाने वाले भुगतान पर कोई चार्ज नहीं लगाया जाएगा। आगामी दिनों में यह विधेयक व्यापारियों और ऑनलाइन माध्यमों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तुत कर सकता है।
वित्त मंत्री ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल पेश किया।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल’ पेश किया। इस बिल के अनुसार, बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स पर नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाने की रोक हटाई जाएगी। हालांकि, सरकारी अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया है कि इस प्रस्ताव को कब लागू किया जाएगा, इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
दूध, सब्जी, किराने और ऑटो-टैक्सी जैसी सेवाओं पर यूपीआई पेमेंट्स का असर नहीं पड़ेगा।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, 2,000 रुपये की सीमा सभी UPI (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) ट्रांजैक्शनों के 5% को कवर करती है, जबकि इन ट्रांजैक्शनों का कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में हिस्सा 65% है। इससे यह प्रतीत होता है कि दूध, सब्जी और किराने के सामान जैसी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी या ऑटो-टैक्सी के लिए किए जाने वाले भुगतान पर इसका प्रभाव न्यूनतम रहेगा। जुलाई 2023 में लगभग 23.7 अरब UPI ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 29.9 लाख करोड़ रुपये रही। यह आंकड़ा दर्शाता है कि UPI का उपयोग भारतीय उपभोक्ताओं के बीच काफी प्रचलित है, जिससे इसकी सीमा का प्रभाव काफी सीमित रहने की संभावना है।
95 प्रतिशत ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू नहीं होगा।
एक अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यदि नीति लागू होती है, तो 95% ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट लागू नहीं होगा। इसके अतिरिक्त, सभी व्यवसाय इन फीसों को ग्राहकों पर नहीं डालेंगे, और फीस की राशि भी अपेक्षाकृत कम होगी।
सरकार चार्ज की जाने वाली कुल रकम पर सीलिंग फिक्स कर सकती है।
इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि सरकार द्वारा चार्ज की जाने वाली कुल रकम पर अधिकतम सीमा (सीलिंग) निर्धारित की जा सकती है। एक सूत्र ने बताया कि क्रेडिट कार्ड के विपरीत, यूपीआई ट्रांजैक्शन में कोई फंडिंग लागत शामिल नहीं होती है। इसलिए, लागत के कवर होने के बाद एक अधिकतम सीमा तय करना उचित रहेगा।
क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर वसूला जाने वाला शुल्क MDR है।
क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड पर वसूली जाने वाली MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) की जानकारी दी गई है। हालांकि, अधिकांश मर्चेंट ये शुल्क ग्राहकों पर नहीं डालते हैं। क्रेडिट कार्ड के लिए, MDR फीस रेगुलेटेड नहीं होने के कारण ट्रांजैक्शन वैल्यू का 3% तक हो सकता है। जबकि, 20 लाख रुपये तक के डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए MDR की लिमिट 0.40% है। 20 लाख रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन के लिए, यह बढ़कर 0.90% हो जाती है।
UPI MDR Charges क्या हैं और सरकार क्या बदलना चाहती है?
Merchant Discount Rate (MDR) वह शुल्क होता है जो व्यापारी के डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को दिया जाता है। सरकार अब कुछ बड़े Merchant UPI ट्रांजैक्शन पर इस व्यवस्था को फिर से लागू करने पर विचार कर रही है।
मुख्य Highlights
- ₹2,000 से ऊपर के Merchant Payment पर MDR प्रस्तावित।
- संभावित MDR 0.25% से 0.40% तक।
- P2P UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे।
- लागू करने की तारीख अभी तय नहीं।
- संसद में Amendment Bill पेश किया गया।
UPI vs Other Payment Modes
डिजिटल पेमेंट के अलग-अलग माध्यमों पर MDR की मौजूदा स्थिति।
| Payment Mode | MDR की स्थिति |
|---|---|
| UPI P2P (व्यक्ति से व्यक्ति) | कोई MDR नहीं |
| UPI Merchant (₹2,000+ प्रस्तावित) | 0.25%–0.40% (प्रस्ताव) |
| Debit Card | निर्धारित सीमा तक MDR लागू |
| Credit Card | 3% तक MDR संभव |
| Cash Payment | कोई MDR नहीं |
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FAQs
Q1. क्या सभी UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा?
नहीं। प्रस्ताव केवल ₹2,000 से अधिक के Merchant UPI Payments से जुड़ा है। P2P ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज प्रस्तावित नहीं है।
Q2. MDR क्या होता है?
Merchant Discount Rate (MDR) वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी से बैंक या पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर को लिया जाता है।
Q3. क्या दूध, सब्जी और किराने की UPI पेमेंट पर असर पड़ेगा?
संभावना बहुत कम है, क्योंकि अधिकांश छोटे ट्रांजैक्शन प्रस्तावित सीमा से नीचे हैं।
Q4. क्या यह नियम अभी लागू हो गया है?
नहीं। अभी केवल संबंधित विधायी प्रस्ताव पेश किया गया है। लागू करने की तारीख पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
Q5. क्या व्यापारी MDR का शुल्क ग्राहक से वसूल सकते हैं?
यदि भविष्य में नियम लागू होता है, तो यह संबंधित नियमों और व्यापारी की नीति पर निर्भर करेगा।

