RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 5.25% पर रखा स्थिर, जानें EMI और महंगाई पर क्या होगा असर

RBI Repo Rate: रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 5.25% पर रखा स्थिर, जानें EMI और महंगाई पर क्या होगा असर

रिजर्व बैंक ने रेपो रेट 5.25% पर रखा स्थिर

RBI Repo Rateभारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने इस वर्ष अब तक रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया है, जिसे 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखा गया है। यह निर्णय मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर लिया गया है। आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक इस सप्ताह सोमवार को प्रारंभ हुई, और आज आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इस बैठक के निर्णयों की जानकारी दी। पिछली बार, दिसंबर 2025 में, रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की गई थी। इस बार, RBI ने मौजूदा आर्थिक परिदृश्य के आधार पर दरों को अपरिवर्तित रखा है।

इस साल रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने वर्ष 2023 में अब तक रेपो रेट में कोई परिवर्तन नहीं किया है। अंतिम बार यह दर दिसंबर 2022 में 0.25 प्रतिशत घटाई गई थी। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने ब्याज दरों के लिए अपने दृष्टिकोण को न्यूट्रल बनाए रखा है, जो संकेत देता है कि वर्तमान आर्थिक स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। आरबीआई हर दो महीने में मौद्रिक नीति की समीक्षा करता है और आवश्यकतानुसार ब्याज दरों में संशोधन करता है। इस वर्ष, MPC की बैठकें फरवरी, अप्रैल, जून, और अब अगस्त में आयोजित हुई हैं। अगली बैठक अक्टूबर में तय की गई है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि रिजर्व बैंक के निर्णय तात्कालिक आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावित होंगे।

खुदरा महंगाई अनुमान से अधिक बनी हुई है।

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने वर्तमान में देश की खुदरा महंगाई दर को लेकर चिंता व्यक्त की है, जो कि अनुमान से अधिक बनी हुई है। उन्होंने यह बताया कि खाद्य पदार्थों और ईंधन की महंगाई इसमें प्रमुख भूमिका निभा रही है। महंगाई के कारण सप्लाई चेन पर दबाव देखा जा रहा है। इसके साथ ही, मॉनसून की अनिश्चितता के चलते आउटलुक के संबंध में कोई स्पष्टता नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत डिमांड की वजह से देश की आर्थिक वृद्धि दर को निरंतर समर्थन मिल रहा है।

भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है।

संजय मल्होत्रा ने एसपीसी के निर्णयों की घोषणा करते हुए बताया कि भारत, वर्तमान के कठिन हालात के बावजूद, विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने उल्लेख किया कि पश्चिम एशिया में हो रहे संघर्षों के कारण महत्वपूर्ण व्यापार मार्ग बाधित हुए हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अनेक चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। भविष्य की दृष्टि में, मल्होत्रा ने संभावित रूप से खुदरा महंगाई में वृद्धि की संभावना व्यक्त की, लेकिन यह भी कहा कि तीसरी तिमाही में इसके चरम पर पहुँचने के बाद इसमें गिरावट देखी जाएगी।

RBI Repo Rate क्यों नहीं बदला?

RBI ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों, बढ़ती महंगाई और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। केंद्रीय बैंक का मानना है कि फिलहाल स्थिर ब्याज दरें अर्थव्यवस्था के लिए बेहतर रहेंगी।

मुख्य Highlights

  • रेपो रेट 5.25% पर बरकरार।
  • MPC का रुख न्यूट्रल बना रहा।
  • महंगाई पर RBI की नजर।
  • अगली समीक्षा अक्टूबर में होगी।
  • आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता।

Repo Rate का असर किस पर पड़ता है?

रेपो रेट में बदलाव या स्थिरता का असर आम लोगों की वित्तीय योजनाओं पर भी पड़ता है।

क्षेत्रसंभावित प्रभाव
Home LoanEMI फिलहाल स्थिर रहने की संभावना
Car Loanब्याज दरों में तत्काल बदलाव नहीं
Business Loanउधारी की लागत स्थिर
Fixed DepositFD रिटर्न में तत्काल बदलाव नहीं
Economyमहंगाई और विकास के बीच संतुलन

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FAQs

Q1. RBI ने रेपो रेट कितना रखा है?
RBI ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है।

Q2. रेपो रेट क्या होता है?
यह वह ब्याज दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक अवधि के लिए पैसा उधार देता है।

Q3. क्या रेपो रेट स्थिर रहने से EMI बदलेगी?
फ्लोटिंग रेट वाले अधिकांश लोन की EMI में फिलहाल तत्काल बदलाव की संभावना कम है।

Q4. RBI ने रेपो रेट क्यों नहीं बदला?
महंगाई, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए RBI ने दरों को स्थिर रखा।

Q5. अगली RBI MPC बैठक कब होगी?
RBI के कार्यक्रम के अनुसार अगली मौद्रिक नीति समीक्षा अक्टूबर में प्रस्तावित है।

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