बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन का रियल एस्टेट पोर्टफोलियो एक बार फिर चर्चा में है। मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित ओशिवारा में उनकी एक कमर्शियल प्रॉपर्टी के तीन फ्लोर अब न्यूट्रिशन कंपनी TruNativ F&B Pvt Ltd को लीज पर दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सौदे से बच्चन को हर महीने करीब ₹33 लाख का किराया मिलेगा और पांच साल की पूरी लीज अवधि में कुल किराया लगभग ₹21.88 करोड़ बैठता है।
यह सौदा ऐसे समय में सामने आया है जब बच्चन के प्रॉपर्टी निवेश का दायरा मुंबई के कमर्शियल स्पेस से लेकर अयोध्या की जमीन तक फैला हुआ है। मार्च 2026 में उन्होंने अयोध्या में 2.67 एकड़ जमीन ₹35 करोड़ में खरीदी थी। HoABL ने इस लेनदेन की आधिकारिक पुष्टि की थी।
अंधेरी वेस्ट की प्रॉपर्टी से हर महीने ₹33 लाख
रिपोर्ट के अनुसार, नई लीज अंधेरी वेस्ट के ओशिवारा इलाके में लिंक रोड स्थित सिग्नेचर बिल्डिंग की तीन ऊपरी मंजिलों से जुड़ी है। इन तीनों फ्लोर का कुल कारपेट एरिया करीब 8,428 वर्ग फुट बताया गया है।
लीज की अवधि पांच साल है और इसकी शुरुआत 15 अगस्त 2026 से हुई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस अवधि में कुल किराया करीब ₹21.88 करोड़ रहने का अनुमान है। दस्तावेजों में सालाना 5 फीसदी किराया बढ़ोतरी का प्रावधान भी बताया गया है।
सौदे में केवल ऑफिस स्पेस ही शामिल नहीं है। किरायेदार को बिल्डिंग में नौ कारों की पार्किंग का अधिकार भी दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब ₹1.98 करोड़ का सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जमा किया गया है।
किराये की गणित क्या बताती है?
₹33 लाख के शुरुआती मासिक किराये को देखें तो सालाना किराया लगभग ₹3.96 करोड़ बनता है। पांच वर्षों तक बिना किसी वृद्धि के यही रकम करीब ₹19.8 करोड़ होती, जबकि एग्रीमेंट में 5 फीसदी वार्षिक बढ़ोतरी का प्रावधान होने के कारण कुल अनुबंध मूल्य लगभग ₹21.88 करोड़ बताया गया है।
यहां यह अंतर समझना जरूरी है कि ₹21.88 करोड़ प्रॉपर्टी की बिक्री कीमत नहीं, बल्कि पूरी लीज अवधि में मिलने वाला अनुमानित किराया है।
बच्चन पहले भी मुंबई में ऑफिस स्पेस लीज पर दे चुके हैं
यह अमिताभ बच्चन का पहला कमर्शियल रेंटल सौदा नहीं है। दिसंबर 2023 में सामने आए दस्तावेजों के मुताबिक, उन्होंने ओशिवारा स्थित Lotus Signature में चार ऑफिस यूनिट्स Warner Music India को लीज पर दिए थे।
उस समय 10,180 वर्ग फुट के ऑफिस स्पेस के लिए शुरुआती मासिक किराया ₹17.30 लाख तय हुआ था। पांच साल की लीज मार्च 2024 से शुरू हुई थी और किराये में बाद में बढ़ोतरी का प्रावधान था। उस सौदे में 12 डेडिकेटेड पार्किंग स्पेस भी शामिल थे।
कमर्शियल प्रॉपर्टी को किराये पर देना सेलिब्रिटीज के लिए नियमित आय का एक माध्यम बन सकता है। हालांकि, किसी संपत्ति की वास्तविक निवेश-उपज निकालने के लिए उसकी खरीद कीमत, टैक्स, मेंटेनेंस, फाइनेंसिंग लागत और खाली रहने की अवधि जैसी चीजों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।
अयोध्या में ₹35 करोड़ का नया निवेश
बच्चन का रियल एस्टेट निवेश मुंबई तक सीमित नहीं है। 6 मार्च 2026 को House of Abhinandan Lodha (HoABL) ने घोषणा की थी कि अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में 2.67 एकड़ का लैंड पार्सल ₹35 करोड़ में खरीदा है।
HoABL के अनुसार, यह जमीन उसके 75 एकड़ के ‘The Sarayu’ प्रोजेक्ट के पास, सरयू नदी के किनारे स्थित है। कंपनी ने इसे अयोध्या में बच्चन का उसके साथ तीसरा निवेश बताया था। लेनदेन AB Corp Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश यादव ने पूरा किया था।
मीडिया रिपोर्टों में इस खरीद को अयोध्या में बच्चन की बढ़ती रियल एस्टेट मौजूदगी का हिस्सा बताया गया है। हालांकि, इस जमीन का भविष्य में किस इस्तेमाल के लिए विकास किया जाएगा, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे किसी खास प्रोजेक्ट या निर्माण योजना से जोड़ना फिलहाल अनुमान होगा।
अयोध्या क्यों बन रही है निवेश का केंद्र?
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और शहर में बुनियादी ढांचे के विस्तार के बाद रियल एस्टेट गतिविधियों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। अमिताभ बच्चन का निवेश इसी व्यापक रुझान के बीच सामने आया है। HoABL ने भी अपनी आधिकारिक घोषणा में अयोध्या के बुनियादी ढांचे और शहरी विकास को शहर की भविष्य की संभावनाओं से जोड़ा था।
बच्चन के मामले में खास बात यह है कि उनका नया निवेश एक अकेली खरीद नहीं है। कंपनी के अनुसार, 2026 की 2.67 एकड़ वाली खरीद अयोध्या में HoABL के साथ उनका तीसरा निवेश है। इससे पता चलता है कि शहर में उनकी प्रॉपर्टी रुचि एक बार के सौदे से आगे बढ़ चुकी है।
Sources Used“
Navbharat Times की रिपोर्ट — मुंबई की नई लीज, किराया, अवधि, पार्किंग और सिक्योरिटी डिपॉजिट संबंधी जानकारी।
अब नजर मुंबई के किराये और अगले प्रॉपर्टी कदम पर
मुंबई की नई लीज से अमिताभ बच्चन को नियमित किराये की आय मिलने वाली है, जबकि अयोध्या की जमीन लंबी अवधि के रियल एस्टेट निवेश की श्रेणी में आती है। दोनों सौदों की प्रकृति अलग है एक मौजूदा कमर्शियल स्पेस से आय पैदा करता है और दूसरा जमीन के रूप में पूंजी निवेश है।
नई मुंबई लीज के मामले में आगे देखने वाली प्रमुख बात किराये में निर्धारित बढ़ोतरी और पांच साल की अवधि के दौरान प्रॉपर्टी का उपयोग है। वहीं अयोध्या की जमीन को लेकर भविष्य में विकास या उपयोग की कोई आधिकारिक घोषणा होती है या नहीं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
अमिताभ बच्चन या TruNativ की ओर से इस नए लीज सौदे पर अलग से विस्तृत सार्वजनिक टिप्पणी उपलब्ध नहीं है। इसलिए सौदे से जुड़ी आय और शर्तों के लिए उपलब्ध प्रॉपर्टी दस्तावेजों तथा रिपोर्टों में दी गई जानकारी पर ही निर्भर रहना उचित है।
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