Uttarakhand Doctors Strike 2026 – चार मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों का आंदोलन, 1400 डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने का खतरा देहरादून। उत्तराखंड के चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर शुरू हुआ डॉक्टरों का आंदोलन लगातार बढ़ता जा रहा है। करीब 600 एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को पीजी डॉक्टरों का समर्थन मिलने के बाद अब सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में प्रदेश के चार बड़े अस्पतालों में करीब 1400 डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की स्थिति बन सकती है।
डॉक्टरों ने फिलहाल ओपीडी और वार्ड सेवाओं का बहिष्कार किया है, हालांकि मरीजों की परेशानी को देखते हुए इमरजेंसी सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। वहीं दून अस्पताल की ओपीडी के बाहर डॉक्टरों का धरना दिन-रात जारी है। डॉक्टरों की मुख्य मांग स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की है। इंटर्न डॉक्टरों को वर्तमान में करीब 17 हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलता है, जिसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से स्टाइपेंड में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि महंगाई और रोजमर्रा का खर्च लगातार बढ़ रहा है।
वहीं पीजी डॉक्टरों की ओर से भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय तक ड्यूटी करते हुए मरीजों की देखभाल और अस्पताल की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मरीजों की परेशानी को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन और डॉक्टरों के बीच बातचीत का दौर भी चल रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। अगर सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर भी आंदोलन में शामिल होते हैं, तो इसका सीधा असर अस्पतालों की ओपीडी और इलाज की व्यवस्था पर पड़ सकता है।
Uttarakhand Doctors Strike 2026 में Doctors की Main Demand क्या है?
Doctors के आंदोलन का केंद्र stipend revision है। Intern doctors का कहना है कि ₹17 हजार प्रतिमाह मौजूदा living expenses और workload के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। वहीं PG doctors भी अपनी जिम्मेदारियों और लंबी duty hours के मुकाबले बेहतर remuneration की मांग कर रहे हैं।
- MBBS interns को अभी करीब ₹17,000 monthly stipend मिलता है।
- Interns इसे बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग कर रहे हैं।
- PG resident doctors लगभग ₹1 लाख प्रतिमाह stipend की मांग कर रहे हैं।
- OPD और ward duties का boycott किया जा रहा है।
- Emergency services जारी रखने की बात कही गई है।
600 Interns के बाद PG Doctors भी Protest में क्यों उतरे?
MBBS interns का आंदोलन शुरू होने से पहले ही PG resident doctors stipend revision को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। चार सरकारी मेडिकल कॉलेजों के करीब 600 PG doctors ने सितंबर की शुरुआत में black ribbon campaign चलाकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाई थी। FORDA ने भी मुख्यमंत्री को representation देकर PG residents का stipend कम से कम ₹1 लाख करने की मांग की।
PG doctors का कहना है कि medical college hospitals में उनका role केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रहता। उन्हें OPD, emergency, ward rounds, surgeries, night duties और patient monitoring में लगातार काम करना पड़ता है। मौजूदा stipend करीब ₹69,820 से ₹71,257 के बीच बताया गया है, जबकि clinical PG courses की annual tuition fee भी करीब ₹5.35 लाख तक है।
- PG doctors पहले black ribbon protest कर रहे थे।
- उनका stipend revision कई महीनों से pending issue है।
- FORDA ने सरकार से intervention की मांग की है।
- अब MBBS interns और PG doctors एक साथ आंदोलन में हैं।
Intern, PG और Senior Resident: Protest Status क्या है?
आंदोलन की अलग-अलग categories को समझना जरूरी है क्योंकि सभी doctors की demands और current status समान नहीं हैं।
| Doctor Category | Current Position | Main Demand | Protest Status |
|---|---|---|---|
| MBBS Interns | करीब 600 | ₹17,000 से ₹30,000 stipend | Work boycott जारी |
| PG Residents | करीब 600 | करीब ₹70,000 से ₹1 लाख | आंदोलन में शामिल |
| Senior Residents | अलग-अलग कॉलेजों में तैनात | संबंधित service/stipend issues | आंदोलन में शामिल होने की संभावना |
| Emergency Duty Doctors | जरूरत के अनुसार | Patient care जारी रखना | Emergency services जारी |
सरकार और Doctors के बीच जल्द समाधान क्यों जरूरी?
Uttarakhand Doctors अब राज्य की health services से जुड़ा बड़ा issue बनता जा रहा है। शुरुआत करीब 600 MBBS interns की stipend hike demand से हुई थी, लेकिन PG resident doctors के support और work boycott ने आंदोलन को ज्यादा व्यापक बना दिया है। Interns ₹17,000 की जगह ₹30,000 stipend चाहते हैं, जबकि PG residents minimum ₹1 lakh की मांग कर रहे हैं।
सबसे ज्यादा चिंता इस बात को लेकर है कि अगर senior resident doctors भी आंदोलन में शामिल होते हैं तो करीब 1400 doctors की services प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। इसका असर OPD, wards और routine treatment पर और गहरा पड़ सकता है।
READ MORE,
FAQs :Uttarakhand Doctors Strike 2026
Q1. उत्तराखंड के डॉक्टर हड़ताल क्यों कर रहे हैं?
मुख्य मांग stipend बढ़ाने की है। MBBS interns ₹17,000 से ₹30,000 और PG resident doctors करीब ₹1 लाख monthly stipend की मांग कर रहे हैं।
Q2. कितने MBBS intern doctors आंदोलन में शामिल हैं?
राज्य के सरकारी medical colleges के करीब 600 MBBS interns आंदोलन में शामिल बताए गए हैं।
Q3. क्या Emergency Services बंद हैं?
नहीं। आंदोलनकारी doctors ने emergency services जारी रखने की बात कही है।
Q4. PG Doctors की क्या मांग है?
PG resident doctors अपने monthly stipend को minimum ₹1 lakh तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
Q5. क्या 1400 डॉक्टर हड़ताल पर जा सकते हैं?
मौजूदा आंदोलन में MBBS interns और PG doctors की बड़ी संख्या शामिल है। यदि senior resident doctors भी व्यापक रूप से शामिल होते हैं, तो करीब 1400 doctors की services प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

