Uttarakhand Roadways Protest 2026 – रोडवेज कर्मचारियों का सांकेतिक धरना, लंबित वेतन समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन देहरादून। उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर बुधवार को प्रदेश के तीनों मंडलों में कर्मचारियों ने सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। मंडलीय कार्यालयों में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि जुलाई और अगस्त माह का वेतन लंबित है, जिससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है। संगठन ने मांग की है कि लंबित वेतन का तत्काल भुगतान किया जाए और भविष्य में हर महीने की 7 तारीख तक वेतन सुनिश्चित किया जाए।
धरने के दौरान कर्मचारियों ने निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने, बस बेड़े को मजबूत करने, ई-बसों की संख्या बढ़ाने, निगम के राजस्व की सुरक्षा और अवैध स्टेज कैरिज संचालन पर रोक लगाने जैसी मांगें भी उठाईं। इसके साथ ही प्रत्येक डिपो में अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और लापरवाही व भ्रष्टाचार के मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि उनका आंदोलन रोडवेज को बंद करने के लिए नहीं, बल्कि निगम को बचाने और मजबूत करने के लिए है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो 16 सितंबर को देहरादून स्थित निगम मुख्यालय पर घेराव और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
रोडवेज की आर्थिक स्थिति को लेकर सामने आई हालिया रिपोर्ट भी इस समस्या की गंभीरता को दिखाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक निगम पर जुलाई और अगस्त के कर्मचारियों के वेतन के रूप में करीब ₹26 करोड़ की देनदारी थी। इसके साथ ही अनुबंधित बस संचालकों और अन्य मदों में भी भुगतान लंबित होने की बात सामने आई थी।
कर्मचारियों ने साफ किया है कि उनका आंदोलन बस सेवाएं बंद कर यात्रियों को परेशान करने के लिए नहीं है। संगठन के मुताबिक उनकी कोशिश निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने, revenue leakage रोकने और public transport system को बेहतर बनाने की है। कर्मचारियों ने बस बेड़े को मजबूत करने और ज्यादा e-buses शामिल करने की मांग भी उठाई है।
वहीं तनाव बढ़ने के बीच रोडवेज प्रबंधन भी आंदोलन टालने की अपील कर चुका है। 8 सितंबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार प्रबंधन ने कहा कि आंदोलन या बस संचालन प्रभावित होने से निगम की आय पर अतिरिक्त असर पड़ सकता है। कर्मचारियों की मांगों पर उचित स्तर पर विचार करने का भरोसा भी दिया गया है।
रोडवेज की आर्थिक स्थिति को लेकर सामने आई हालिया रिपोर्ट भी इस समस्या की गंभीरता को दिखाती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक निगम पर जुलाई और अगस्त के कर्मचारियों के वेतन के रूप में करीब ₹26 करोड़ की देनदारी थी। इसके साथ ही अनुबंधित बस संचालकों और अन्य मदों में भी भुगतान लंबित होने की बात सामने आई थी।
कर्मचारियों ने साफ किया है कि उनका आंदोलन बस सेवाएं बंद कर यात्रियों को परेशान करने के लिए नहीं है। संगठन के मुताबिक उनकी कोशिश निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने, revenue leakage रोकने और public transport system को बेहतर बनाने की है। कर्मचारियों ने बस बेड़े को मजबूत करने और ज्यादा e-buses शामिल करने की मांग भी उठाई है।
वहीं तनाव बढ़ने के बीच रोडवेज प्रबंधन भी आंदोलन टालने की अपील कर चुका है। 8 सितंबर को सामने आई रिपोर्ट के अनुसार प्रबंधन ने कहा कि आंदोलन या बस संचालन प्रभावित होने से निगम की आय पर अतिरिक्त असर पड़ सकता है। कर्मचारियों की मांगों पर उचित स्तर पर विचार करने का भरोसा भी दिया गया है।
Uttarakhand Roadways Protest 2026 में Employees की मुख्य मांगें क्या हैं?
उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारियों का मुद्दा केवल दो महीने के salary payment तक सीमित नहीं है। संयुक्त परिषद ने निगम की long-term financial stability और operational system से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि समस्याओं पर समय रहते action लिया जाए तो आंदोलन जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
- जुलाई और अगस्त का लंबित वेतन तत्काल जारी हो।
- हर महीने 7 तारीख तक salary देने की व्यवस्था बने।
- रोडवेज के bus fleet को मजबूत किया जाए।
- राज्य में e-buses की संख्या बढ़ाई जाए।
- अवैध stage carriage संचालन पर सख्त रोक लगे।
Employees की Demand vs Current Situation: क्या है Difference?
धरने में उठाई गई मांगों को देखें तो employees immediate salary relief के साथ structural reforms भी चाहते हैं। इसका मतलब है कि आंदोलन का फोकस केवल बकाया भुगतान नहीं, बल्कि निगम के पूरे operating model पर है।
| मुद्दा | कर्मचारियों की मांग | मौजूदा स्थिति |
|---|---|---|
| जुलाई-अगस्त वेतन | तत्काल भुगतान | भुगतान लंबित होने की शिकायत |
| Monthly Salary | हर माह 7 तारीख तक | लगातार delay का आरोप |
| Bus Fleet | बसों की संख्या बढ़े | Fleet मजबूत करने की मांग |
| E-Buses | ज्यादा e-buses शामिल हों | Expansion की मांग |
| Revenue Protection | अवैध संचालन पर रोक | कर्मचारियों ने कार्रवाई मांगी |
| Accountability | Depot officers की जिम्मेदारी तय हो | सुधार की मांग |
| भ्रष्टाचार/लापरवाही | सख्त कार्रवाई | जांच और जवाबदेही की मांग |
16 September को क्या होगा? आंदोलन का Next Step
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने फिलहाल सांकेतिक धरने के जरिए अपनी मांगें प्रबंधन तक पहुंचाई हैं, लेकिन संगठन ने अगला कदम भी तय कर दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मांगों पर निश्चित समय के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो 16 सितंबर को देहरादून स्थित परिवहन निगम मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
इससे पहले प्रबंधन कर्मचारियों से आंदोलन टालने की अपील कर चुका है। महाप्रबंधक संचालन की ओर से कर्मचारी परिषद को भेजे गए पत्र में कहा गया कि कर्मचारियों की मांगों पर उचित स्तर पर विचार किया जा रहा है और आंदोलन से निगम की revenue position प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट में 16 सितंबर के प्रस्तावित मुख्यालय घेराव का भी उल्लेख है।
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FAQs:Uttarakhand Roadways Protest 2026
Q1. उत्तराखंड रोडवेज कर्मचारी धरना क्यों दे रहे हैं?
कर्मचारी जुलाई-अगस्त के लंबित वेतन, नियमित salary payment, निगम की आर्थिक स्थिति और दूसरी departmental demands को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
Q2. कर्मचारियों की वेतन को लेकर मुख्य मांग क्या है?
कर्मचारी चाहते हैं कि लंबित salary तत्काल दी जाए और आगे से हर महीने की 7 तारीख तक वेतन सुनिश्चित किया जाए।
Q3. अगला रोडवेज आंदोलन कब प्रस्तावित है?
मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर संयुक्त परिषद ने 16 सितंबर 2026 को देहरादून स्थित निगम मुख्यालय के घेराव की चेतावनी दी है।
Q4. क्या रोडवेज कर्मचारी बस सेवा बंद करना चाहते हैं?
कर्मचारी नेताओं के अनुसार उनका उद्देश्य रोडवेज को बंद करना नहीं, बल्कि निगम की आर्थिक और operational स्थिति को मजबूत करना है।
Q5. उत्तराखंड रोडवेज में कितने महीने का वेतन लंबित बताया गया है?
मौजूदा आंदोलन में कर्मचारी जुलाई और अगस्त महीने के वेतन भुगतान का मुद्दा उठा रहे हैं। एक हालिया रिपोर्ट में इन दोनों महीनों के वेतन की देनदारी करीब ₹26 करोड़ बताई गई थी।

