मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के माफिया राज का जिक्र कर गिनाईं कानून-व्यवस्था में सुधार की उपलब्धियां, पुलिस भर्ती और अपराधियों की संपत्ति जब्ती का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
सीएम योगी ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में माफिया और अराजक तत्वों का प्रभाव था। उन्होंने मथुरा के जवाहर बाग की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून की रक्षा करते हुए पुलिस अधिकारियों को अपने प्राण गंवाने पड़े थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए पुलिस को अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने की स्वतंत्रता दी गई है। सरकार का दावा है कि इससे अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में 2.26 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है। उनके अनुसार, पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता में भी दस गुना वृद्धि हुई है। इसके अलावा सात बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जिले में साइबर थाना और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। सरकार के मुताबिक, इन कदमों का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक आधुनिक, सक्षम और जवाबदेह बनाना है।
सीएम योगी ने गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि 88,973 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई है। उन्होंने इसे अपराध और अपराधियों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की सक्रियता और जवाबदेही जरूरी है। साथ ही, नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिवारों को सम्मान देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बलिदानी पुलिसकर्मियों के परिवारों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का बलिदान और उनके परिजनों का त्याग हमेशा स्मरणीय रहेगा। सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश को सुरक्षित, न्यायपूर्ण और भयमुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जाते रहेंगे।
पुलिस स्मृति दिवस उन पुलिसकर्मियों को याद करने का अवसर है, जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया। इस दिन उनके साहस और सेवा भावना को सम्मान के साथ याद किया जाता है।

