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बाघ के हमले की घटनाओं पर कार्बेट प्रशासन अलर्ट

कार्बेट टाइगर रिजर्व के जंगल में लकड़ी लेने गई एक बृद्वा को बाघ द्वारा शिकार बनाने की घटना के बाद सीटीआर प्रशासन अलर्ट हो गया है। सीटीआर की ओर से वन क्षेत्र में पर्यटको व लोगों से अकेले जंगल में प्रवेश नही करने का अनुरोध किया है। सीटीआर से लगे अल्मोड़ा जिले के विकास खंड सल्ट के झंडगांव निवासी 65 वर्षीय परी देवी पत्नी स्व केशव दत्त बीते शुक्रवार को सीटीआर के कालागढ़ टाइगर रिजर्व के मंदाल रेंज में बाघ ने निवाला बना लिया था। बृद्वा महिला लकड़ी लेने जगल गई थी।

डेढ माह में बाघ के हमले की दो घटनाएं होने  से सीटीआर प्रशासन द्वारा मौके से आधा किलोमीटर क्षेत्र में 10 ट्रेप कैमरे लगाए गए है। बताया जा रहा है। घटना के दूसरे दिन एक बाघिन कैमरे में कैद हुई थी। बाघिन हमलावर है या नहीं इस पर स्थिति स्पष्ठ नहीं है।

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इधर कार्बेट टाइगर रिजर्व के कालागढ़ वन प्रभाग रेजर अनमोल इष्टवाल ने बताया कि वन विभाग ने दो टीमों का गठन टीमें लगातार क्षेत्र में मरचूला – शंकरपुर हाईवे के पास पर्यटकों व लोगों को जंगल में प्रवेश न करने की अपील की। वन विभाग ने जागरूकता के लिए सूचना पटट व वैनर लगाए गए है। उस मार्ग से जाने वाले वाहनों को मरचूला, शकरपुर बैरियर रोक जागरूक किया जा रहा है। सडक के दोनो ओर झाडी काटी जा रही हैं।

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