देहरादून समाधान दिवस – सरकारी दफ्तर में शिकायत लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति की सबसे बड़ी उम्मीद यही होती है कि उसकी बात सुनी जाए और उसे समाधान के लिए बार-बार अलग-अलग विभागों के चक्कर न लगाने पड़ें। जमीन पर कब्जा हो, पेंशन का मामला अटका हो या फिर किसी विकास कार्य में देरी हो रही हो, इन समस्याओं का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। इसी तरह के मामलों की सुनवाई के लिए देहरादून कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित किया गया। जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे 140 फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं।
देहरादून कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 140 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं। जनसुनवाई में भूमि अतिक्रमण, नाले पर कब्जे से जलभराव, विधवा पेंशन के नाम पर ठगी, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और विकास कार्यों में देरी से जुड़े मामले प्रमुख रहे। जिलाधिकारी ने कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया, जबकि शेष मामलों में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। छरबा में बरसाती नाले और ग्राम समाज की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत पर तहसीलदार विकासनगर और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वहीं विधवा पेंशन बनवाने के नाम पर रुपये मांगने और दस्तावेज रोकने के मामले में पुलिस समेत संबंधित अधिकारियों को संयुक्त जांच कर कार्रवाई करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों को औपचारिकता न मानें और लोगों को समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समाधान दिवस में भूमि अतिक्रमण, बरसाती नाले पर कब्जा, जलभराव, विधवा पेंशन के नाम पर रुपये मांगने, दस्तावेज रोकने, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और विकास कार्यों में देरी से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने एक-एक कर फरियादियों की बात सुनी और मौके पर मौजूद अधिकारियों से मामलों की जानकारी मांगी। जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव था, उनका वहीं निस्तारण किया गया। बाकी मामलों में संबंधित विभागों को जांच पूरी कर तय समय के भीतर कार्रवाई करने को कहा गया।
जनसुनवाई के दौरान छरबा क्षेत्र का एक मामला खास तौर पर सामने आया। यहां बरसाती नाले और ग्राम समाज की जमीन पर अतिक्रमण होने की शिकायत की गई। बताया गया कि नाले पर कब्जे के कारण आसपास जलभराव की स्थिति बन रही है। इस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को मौके पर जाकर स्थिति देखने तथा नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
एक महिला ने विधवा पेंशन बनवाने के नाम पर रुपये मांगने और उसके जरूरी दस्तावेज रोक लेने की शिकायत भी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस और संबंधित विभागों को मिलकर जांच करने को कहा। डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि जनसुनवाई को केवल औपचारिक प्रक्रिया न समझा जाए। शिकायतों पर ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए जिससे लोगों को एक ही समस्या के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
समाधान दिवस में किन समस्याओं की हुई सुनवाई?
समाधान दिवस में निजी विवादों से लेकर सार्वजनिक सुविधाओं तक कई तरह के मामले सामने आए। कुछ शिकायतों का समाधान मौके पर किया गया, जबकि जांच की जरूरत वाले मामलों को संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को गंभीरता से लेने और समय पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
- सरकारी और ग्राम समाज की जमीन पर अतिक्रमण
- नाले पर कब्जे से होने वाला जलभराव
- विधवा पेंशन के नाम पर रुपये मांगने का आरोप
- घरेलू हिंसा और संपत्ति विवाद
- विकास कार्यों में देरी से जुड़ी शिकायतें
छरबा अतिक्रमण और Pension Fraud मामले में क्या हुआ?
छरबा क्षेत्र से आए शिकायतकर्ता ने बरसाती नाले और ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे का मामला जिलाधिकारी के सामने रखा। शिकायत में कहा गया कि अतिक्रमण की वजह से नाले का प्राकृतिक बहाव प्रभावित हो रहा है और बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन सकती है। जिलाधिकारी ने तहसीलदार विकासनगर और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करने को कहा। जांच में अतिक्रमण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
विधवा पेंशन से जुड़े एक अन्य मामले में महिला ने आरोप लगाया कि पेंशन बनवाने के नाम पर उससे रुपये मांगे गए और उसके दस्तावेज भी रोक लिए गए। जिलाधिकारी ने पुलिस तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को मिलकर शिकायत की जांच करने को कहा। आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह मामला इसलिए भी गंभीर है, क्योंकि पेंशन जैसी योजना जरूरतमंद महिलाओं की आर्थिक मदद के लिए होती है। ऐसे में पैसे मांगना या दस्तावेज रोकना लाभार्थी को उसके अधिकार से वंचित कर सकता है।
- अधिकारी मौके पर जाकर अतिक्रमण की स्थिति देखेंगे।
- राजस्व और उद्योग विभाग संयुक्त जांच करेंगे।
- पेंशन मामले की जांच में पुलिस भी शामिल रहेगी।
- आरोप सही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
किस शिकायत पर किस Department को मिला निर्देश?
जनसुनवाई में आए सभी मामलों की प्रकृति अलग थी। इसलिए जिलाधिकारी ने शिकायत के अनुसार संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय की। तत्काल हल होने वाले मामलों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि दूसरे मामलों में जांच और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
| शिकायत | मुख्य समस्या | संबंधित विभाग | प्रशासन का निर्देश |
|---|---|---|---|
| भूमि अतिक्रमण | ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा | राजस्व विभाग | मौके पर जांच और कार्रवाई |
| नाले पर कब्जा | जलभराव का खतरा | तहसील और संबंधित विभाग | स्थल निरीक्षण |
| विधवा पेंशन | रुपये मांगने और दस्तावेज रोकने का आरोप | पुलिस एवं संबंधित विभाग | संयुक्त जांच |
| घरेलू हिंसा | महिला की सुरक्षा से जुड़ा मामला | संबंधित अधिकारी | नियमानुसार कार्रवाई |
| विकास कार्य | काम पूरा होने में देरी | कार्यदायी विभाग | समय पर काम पूरा करने के निर्देश |
अधिकारियों से DM ने क्या कहा?
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को दो टूक कहा कि समाधान दिवस में आने वाली शिकायतों को केवल एक विभाग से दूसरे विभाग के पास भेजकर जिम्मेदारी पूरी न समझी जाए। अधिकारी शिकायत की जड़ तक जाएं और ऐसा समाधान निकालें जिससे फरियादी को दोबारा उसी समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट न आना पड़े।
उन्होंने जांच वाले मामलों में मौके का निरीक्षण करने, उपलब्ध रिकॉर्ड देखने और दोनों पक्षों की बात सुनने के निर्देश दिए। खास तौर पर अतिक्रमण, पेंशन और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने को कहा गया। प्रशासन का यह रुख जरूरी है, क्योंकि कई बार छोटी दिखने वाली समस्या समय पर कार्रवाई न होने के कारण बड़ी परेशानी बन जाती है।
शिकायत लेकर आने वाले लोगों को भी आवेदन के साथ सभी जरूरी दस्तावेज और उपलब्ध प्रमाण जमा करने चाहिए। इससे संबंधित विभाग को मामले की जांच करने में आसानी होती है और कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होती।
- शिकायतों को केवल आगे भेजकर मामला बंद न किया जाए।
- जरूरत पड़ने पर अधिकारी मौके पर जाकर जांच करें।
- फरियादी को कार्रवाई की सही जानकारी दी जाए।
- लंबित मामलों का समय के भीतर निस्तारण किया जाए।
शिकायतों पर समय से कार्रवाई जरूरी
देहरादून कलेक्ट्रेट में आयोजित समाधान दिवस में 140 फरियादियों का पहुंचना बताता है कि आम लोगों से जुड़ी कई समस्याएं अब भी विभागीय स्तर पर लंबित हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शिकायतों को सीधे सुनकर कई मामलों का मौके पर निस्तारण किया, जबकि अतिक्रमण, विधवा पेंशन, घरेलू हिंसा और संपत्ति विवाद जैसे मामलों में अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।
इस पहल का फायदा तभी होगा, जब जनसुनवाई में दिए गए निर्देशों पर समय से कार्रवाई भी दिखाई दे। छरबा में नाले और ग्राम समाज की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत हो या विधवा पेंशन के नाम पर पैसे मांगने का आरोप, दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच जरूरी है। संबंधित विभागों को शिकायतकर्ता के साथ संपर्क बनाए रखते हुए कार्रवाई की जानकारी भी देनी चाहिए। इससे लोगों का प्रशासन पर भरोसा बढ़ेगा और उन्हें अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
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https://dehradun.nic.in/service/how-to-lodge-a-grievance
FAQs: Dehradun Samadhan Diwas
1. देहरादून समाधान दिवस में कितने फरियादी पहुंचे?
समाधान दिवस में कुल 140 फरियादियों ने अपनी शिकायतें रखीं।
2. जनसुनवाई की अध्यक्षता किसने की?
जनसुनवाई की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने की।
3. समाधान दिवस में किस तरह की शिकायतें आईं?
भूमि अतिक्रमण, जलभराव, विधवा पेंशन, घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और विकास कार्यों से संबंधित शिकायतें सामने आईं।
4. छरबा अतिक्रमण मामले में क्या निर्देश दिए गए?
तहसीलदार विकासनगर और जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए गए।
5. विधवा पेंशन वाले मामले में क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारी संयुक्त जांच करेंगे। आरोप सही मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

