Delhi Call Centre Scam: पश्चिमी दिल्ली में 3 अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों पर रेड, 23 गिरफ्तार; 27 लैपटॉप-28 मोबाइल बरामद

Delhi Call Centre Scam: पश्चिमी दिल्ली में 3 अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों पर रेड, 23 गिरफ्तार; 27 लैपटॉप-28 मोबाइल बरामद

Delhi Call Centre Scam – अमेरिका, कनाडा एवं यूरोपीय देशों के नागरिकों को कथित रूप से निशाना बनाने वाले तीन अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों पर सायबर और स्पेशल स्टाफ की रेड कॉल सेंटर के मालिकों, प्रबंधकों, बैंकरों एवं टेली-कॉलर्स सहित 23 आरोपियों को किया गिरफ्तार 2 हाई-एंड कारें, 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, ₹79,200 नकद, 11 राउटर, 36 हेडफोन एवं 25 एडॉप्टर किए बरामद संगठित साइबर धोखाधड़ी एवं अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई। पश्चिमी दिल्ली में तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी

पश्चिम जिला सायबर सेल और स्पेशल स्टाफ की सयुंक्त टीम ने दिल्ली के हरीनगर स्थित मीनाक्षी गार्डन अजय एनक्लेव कीर्ति नगर में एक साथ तीन कॉल सेंटर में रेड कर कॉल सेंटर के मालिकों, प्रबंधकों, बैंकरों एवं टेली-कॉलर्स सहित 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मौके से
2 हाई-एंड कारें, 27 लैपटॉप, 28 मोबाइल फोन, ₹79,200 नकद, 11 राउटर, 36 हेडफोन एवं 25 एडॉप्टर भी बरामद किए है।
यह गिरोह पश्चिमी दिल्ली में संचालित अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटरों के द्वारा अमेरिका एवं कनाडा के नागरिकों को कथित रूप से निशाना बनाता था।पश्चिमी जिला डीसीपी हरेश्वर वी स्वामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पश्चिमी जिला ऑपरेशन सेल के एसीपी राजेश और सायबर सेल इंस्पेक्टर विकास पश्चिमी जिला स्पेशल स्टाफ इंस्पेक्टर राजेश मौर्य के नेतृत्व में टीम बनाकर एक विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर टीमों ने दिल्ली के मीनाक्षी गार्डन, अजय एन्क्लेव एवं कीर्ति नगर स्थित तीन स्थानों पर समन्वित छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान इन परिसरों में अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित पाए गए। आरोपी कथित रूप से Apple/iOS तथा Microsoft के तकनीकी सहायता/कस्टमर केयर कर्मचारियों के रूप में अपनी पहचान बताकर इंटरनेट आधारित कॉलिंग एप्लिकेशन के माध्यम से विदेशी नागरिकों से बातचीत कर रहे थे।इस कार्रवाई के दौरान कॉल सेंटर के कथित मालिकों/संचालकों, प्रबंधकों, बैंकरों एवं टेली-कॉलर्स सहित कुल 23 व्यक्तियों को गिरफ्तार कियागया।

परिसरों में कॉल सेंटर संचालित करने के लिए कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, राउटर, हेडफोन तथा अन्य तकनीकी उपकरण पाए गए।बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच में Google Voice, X-Lite, EyeBeam, MicroSIP एवं UltraViewer सहित इंटरनेट आधारित कॉलिंग एवं रिमोट-एक्सेस एप्लिकेशन पाए गए। इन उपकरणों में विदेशी कॉल हिस्ट्री, विदेशी टेलीफोन नंबरों की सूचियां, पीड़ितों से संबंधित जानकारी, भुगतान के स्क्रीनशॉट, WhatsApp बातचीत तथा अन्य आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री भी पाई गई। आगे की जांच में WhatsApp Business अकाउंट तथा कई ग्रुप भी पाए गए, जिनका कथित रूप से संचालन संबंधी समन्वय, TFN से संबंधित जानकारी तथा धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि को संभालने के लिए उपयोग किया जा रहा था।


जांच से पता चला है कि आरोपी कथित रूप से आवासीय परिसरों को वर्कस्टेशन में परिवर्तित करके संगठित अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। अनधिकृत खरीदारी, सब्सक्रिप्शन या सुरक्षा संबंधी समस्याओं के बारे में फर्जी पॉप-अप/मैसेज भेजे जाते थे, जिसके माध्यम से पीड़ितों को भारत से इंटरनेट आधारित कॉलिंग एप्लिकेशन द्वारा संचालित Toll-Free Numbers पर संपर्क करने के लिए प्रेरित किया जाता था। पीड़ितों का विश्वास हासिल करने के बाद कॉल कथित रूप से ऐसे व्यक्तियों को ट्रांसफर की जाती थी जो स्वयं को वरिष्ठ अधिकारी या “Banker” बताते थे। ये व्यक्ति कथित समस्या को हल करने के लिए लगभग USD 149, USD 249 या USD 499 के भुगतान की मांग करते थे।
पीड़ितों को कथित रूप से Apple Gift Cards या Zelle के माध्यम से भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसके बाद भुगतान से संबंधित जानकारी नेटवर्क के सदस्यों के बीच कथित रूप से धोखाधड़ी की रकम एकत्र करने एवं उसे परिवर्तित करने के लिए साझा की जाती थी।
Google Voice, X-Lite, EyeBeam एवं MicroSIP जैसे एप्लिकेशन का उपयोग अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट आधारित कॉलिंग के लिए किया जाता था, जबकि UltraViewer का उपयोग रिमोट डेस्कटॉप एक्सेस के लिए किया जाता था। नेटवर्क द्वारा कथित रूप से VoIP आधारित कॉलिंग एवं अन्य तकनीकी तरीकों का उपयोग वास्तविक स्थान एवं पहचान छिपाने तथा वैध अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग गेटवे को बायपास करने के लिए किया जाता था।

Raid में क्या-क्या बरामद हुआ?

पुलिस के मुताबिक तीनों परिसरों को residential space से workstations में बदला गया था। यहां internet calling और remote-access के लिए कई devices तथा software इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। जांच अभी जारी है और बरामद digital evidence के आधार पर network से जुड़े अन्य लोगों तथा money trail की जानकारी जुटाई जा रही है।

  • 23 आरोपी गिरफ्तार किए गए
  • 27 लैपटॉप और 28 मोबाइल फोन बरामद
  • 11 राउटर, 36 हेडफोन और 25 एडॉप्टर मिले
  • ₹79,200 नकद और 2 high-end cars बरामद
  • Google Voice, X-Lite, EyeBeam, MicroSIP और UltraViewer जैसे applications मिलने का दावा

कैसे चल रहा था कथित International Call Centre Scam?

पुलिस के अनुसार network की working style social engineering पर आधारित थी। किसी विदेशी नागरिक के device या screen पर कथित तौर पर fake warning, unauthorized purchase, subscription या security alert जैसा message दिखाया जाता था। उसमें दिए गए toll-free number पर call करने के लिए कहा जाता था। Call करने पर सामने मौजूद व्यक्ति खुद को Apple, Microsoft या technical support representative के रूप में पेश करता था।

आरोप है कि शुरुआती caller victim को विश्वास में लेने के बाद call दूसरे member को transfer करता था, जिसे “senior official” या “banker” के रूप में पेश किया जाता था। इसके बाद कथित समस्या ठीक करने के लिए 149, 249 या 499 अमेरिकी डॉलर जैसी रकम मांगी जाती थी।

Payment के लिए Apple Gift Cards या Zelle इस्तेमाल कराने का आरोप है। बाद में gift-card या payment details network के अलग-अलग members के बीच share की जाती थीं। पुलिस का कहना है कि WhatsApp Business accounts और groups का इस्तेमाल भी coordination तथा कथित रकम से जुड़ी जानकारी share करने के लिए किया जा रहा था।

Scam का पूरा Pattern एक नजर में

यह कथित scam सामान्य customer-support interaction जैसा दिखाने की कोशिश करता था, लेकिन पुलिस का आरोप है कि इसका उद्देश्य victims को डराकर या भ्रमित करके payment के लिए तैयार करना था।

चरणपुलिस के अनुसार कथित तरीका
पहला संपर्कFake pop-up या security/subscription message
पहचानApple/iOS या Microsoft support staff बनना
CommunicationInternet/VoIP based calling
अगला चरणCall कथित “senior official” या “banker” को transfer
मांगी गई रकमलगभग USD 149, 249 या 499
PaymentApple Gift Card या Zelle
तकनीकी toolsGoogle Voice, X-Lite, EyeBeam, MicroSIP
Remote AccessUltraViewer
InvestigationDevices, chats, call records और payment screenshots की जांच

Cyber Fraud से बचने के लिए किन बातों पर ध्यान दें?

इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि cyber fraud में fraudster हमेशा सीधे पैसे नहीं मांगता। शुरुआत अक्सर किसी urgent warning से होती है, जैसे “आपके account से unauthorized purchase हुआ है”, “subscription renew हो गया है” या “device में security problem है।” इसी urgency में victim बिना official verification के दिए गए नंबर पर call कर देता है।

किसी भी genuine technology company या bank से संपर्क करने के लिए हमेशा उसकी official website या app में दिए नंबर का ही उपयोग करें। किसी unknown caller को remote-access software install करने की अनुमति देना भी गंभीर risk पैदा कर सकता है। Gift-card code, OTP, card details या banking credentials कभी share नहीं करने चाहिए।

भारत में cyber financial fraud होने पर तुरंत 1930 पर कॉल किया जा सकता है और National Cyber Crime Reporting Portal पर complaint दर्ज की जा सकती है। सरकार का cybercrime portal 1930 को 24×7 cyber-fraud helpline के रूप में सूचीबद्ध करता है।

  • Unknown pop-up में दिए नंबर पर तुरंत call न करें
  • Gift-card code, OTP या banking details share न करें
  • Unknown person को remote desktop access न दें
  • Financial cyber fraud होने पर तुरंत 1930 पर report करें

Digital Evidence से Network की पूरी Chain तलाश रही Police

पश्चिमी दिल्ली में तीन कथित international call centres पर हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि cyber fraud अब छोटे स्तर की phone cheating तक सीमित नहीं है। पुलिस के अनुसार मीनाक्षी गार्डन, अजय एन्क्लेव और कीर्ति नगर में residential premises को व्यवस्थित call-centre workstations में बदला गया था और विदेशी नागरिकों को tech-support के नाम पर निशाना बनाया जा रहा था। मामले में 23 लोगों की गिरफ्तारी के साथ बड़ी संख्या में laptops, mobiles, routers और अन्य electronic equipment जब्त किए गए हैं।

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FAQs

1. पश्चिमी दिल्ली में कितने कथित call centres पर छापेमारी हुई?
पुलिस के अनुसार मीनाक्षी गार्डन, अजय एन्क्लेव और कीर्ति नगर स्थित तीन परिसरों पर coordinated raids की गईं।

2. Delhi Call Centre Scam में कितने लोग गिरफ्तार हुए?
कुल 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें कथित owners, managers, tele-callers और अन्य members शामिल हैं।

3. आरोपी किन देशों के लोगों को कथित रूप से निशाना बनाते थे?
पुलिस के अनुसार अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय देशों के नागरिकों को निशाना बनाया जाता था।

4. Payment किस तरह मांगी जाती थी?
पुलिस का आरोप है कि victims से Apple Gift Cards या Zelle के जरिए payment कराने की कोशिश की जाती थी।

5. Cyber fraud होने पर कहां शिकायत करें?
भारत में financial cyber fraud की शिकायत 1930 हेल्पलाइन और National Cyber Crime Reporting Portal पर की जा सकती है।

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