Dengue Mukt Bharat Campaign – ‘डेंगू मुक्त भारत’ अभियान की शुरुआत, दिन में सक्रिय मच्छरों से बचाव पर जोर नवी मुंबई। मानसून के दौरान डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए ओडोमॉस ने राष्ट्रव्यापी जागरूकता अभियान ‘डेंगू मुक्त भारत’ की शुरुआत की है। अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को डेंगू फैलाने वाले दिन में सक्रिय मच्छरों के खतरे और उनसे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के तहत स्कूलों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को डेंगू से बचाव के लिए दैनिक स्तर पर अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी।
अभियान की शुरुआत नवी मुंबई के रा. फ. नाईक विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय में आयोजित एक विशेष जागरूकता सत्र से हुई। कार्यक्रम में 300 से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया। सत्र को चिकित्सक डॉ. प्रवीण तांबे ने संबोधित किया।डॉ. तांबे ने कहा कि एडीज़ एजिप्टी मच्छर दिन के समय सक्रिय रहता है, इसलिए डेंगू का खतरा केवल रात तक सीमित नहीं है। स्कूल, यात्रा, सार्वजनिक स्थानों और रोजमर्रा की गतिविधियों के दौरान भी मच्छरों से बचाव जरूरी है।
डाबर इंडिया के होम केयर वैभव राठी ने कहा कि डेंगू के खिलाफ लड़ाई में जागरूकता और नियमित सुरक्षा उपाय महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि ‘डेंगू मुक्त भारत’ के जरिए कंपनी उत्पाद आधारित सुरक्षा के साथ-साथ जन-जागरूकता पर भी जोर दे रही है।वहीं डाबर के जनरल मैनेजर अमित गर्ग ने कहा कि मच्छरों से बचाव की जरूरत केवल रात में होने की धारणा को बदलना जरूरी है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन में भी सक्रिय रहते हैं, इसलिए लोगों को अपनी दैनिक दिनचर्या में मच्छरों से बचाव के उपायों को शामिल करना चाहिए ।ओडोमॉस क्रीम, लोशन, जेल, स्प्रे और फैब्रिक रोल-ऑन जैसे विभिन्न प्रारूपों में उपलब्ध है। अभियान के जरिए मानसून के दौरान परिवारों को डेंगू, मलेरिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जाएगा।
Dengue Mukt Bharat Campaign में क्या है खास?
‘डेंगू मुक्त भारत’ अभियान के तहत schools और residential communities में awareness programmes आयोजित किए जाने की योजना है। इन sessions में खास तौर पर बच्चों और परिवारों को यह समझाया जाएगा कि dengue mosquito कब active रहता है और everyday life में उससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
- School और community awareness sessions
- बच्चों, teachers और parents पर विशेष focus
- Daytime mosquito bites के खतरे की जानकारी
- Daily mosquito protection habits पर जोर
- मानसून के दौरान preventive measures को बढ़ावा
Day vs Night Protection: क्या Difference समझना जरूरी है?
डेंगू और दूसरी mosquito-borne diseases के vectors एक जैसे नहीं होते। इसलिए केवल रात में mosquito protection अपनाने से हर तरह के mosquito-borne infection का risk समाप्त नहीं होता। Dengue prevention के लिए daytime awareness विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
| Situation | Mosquito Risk | क्या करें? |
|---|---|---|
| सुबह और दिन का समय | Dengue vector से bite का risk हो सकता है | Full sleeves और suitable repellent |
| School/Office | Indoor और outdoor exposure संभव | आसपास stagnant water check करें |
| शाम और रात | कई अन्य mosquitoes भी active हो सकते हैं | Mosquito net/screens का इस्तेमाल |
| मानसून के बाद जमा पानी | Breeding risk बढ़ सकता है | हर सप्ताह water containers साफ करें |
| Outdoor Travel | Exposure ज्यादा हो सकता है | Protective clothing और repellent |
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FAQs – Dengue Mukt Bharat Campaign
1. ‘डेंगू मुक्त भारत’ अभियान क्या है?
यह Odomos की ओर से शुरू किया गया dengue awareness campaign है, जिसका उद्देश्य लोगों को mosquito bites और dengue prevention के बारे में जागरूक करना है।
2. Dengue mosquito दिन में भी काटता है क्या?
हां, dengue फैलाने वाला Aedes aegypti mosquito दिन के समय भी सक्रिय रह सकता है।
3. Dengue से बचने का सबसे जरूरी तरीका क्या है?
घर और आसपास stagnant water जमा न होने देना और mosquito bites से personal protection अपनाना महत्वपूर्ण है।
4. क्या केवल mosquito repellent से Dengue से बचा जा सकता है?
नहीं। Repellent personal protection का एक हिस्सा है। Source reduction, protective clothing और mosquito-control measures भी जरूरी हैं।
5. Dengue के symptoms दिखने पर क्या करना चाहिए?
तेज बुखार या अन्य concerning symptoms होने पर self-medication से बचें और doctor से medical advice लें।

