गिरिडीह कॉलेज IGNOU घोटाला – गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल और प्रोफेसर पर अभाविप ने लगाया इग्नू विभाग में करोड़ो के स्कैम करने का आरोप प्रेसवार्ता कर कहा मंत्री का नाम बता कर जांच से बच रहे हैं दोनों, अभाविप रुकने वाला नहीं। गिरिडीह। गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालनेदु शेखर त्रिपाठी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बड़ा आरोप लगाया है। रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री मंटू मुर्मू, जिला संयोजक नीरज चौधरी और अनीश राय ने संयुक्त प्रेसवार्ता कर कहा कि प्रभारी प्रिंसिपल मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालनेदु शेखर त्रिपाठी ने इग्नू विभाग में करोड़ो का घोटाला किया है। लेकिन सूबे के एक मंत्री से करीबी पहचान होने के कारण वे अब तक जांच से बचने के प्रयास में सफल है। कहा कि अभाविप रूकेगा नहीं, और दोनों के काले कारनामों को उजागर करके ही रहेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 से इग्नू विभाग में परीक्षा के नाम पर आने वाले फंड से हर महीने 8 से 9 लाख तक सरकारी पैसे का गबन होता रहा। लिहाजा, इतने सालों में गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल और प्रोफेसर बालेन्दु शेखर त्रिपाठी ने करोड़ों का पैसा फर्जी साइन कर लुटा है। कहा कि दोनों अब नगर विकास मंत्री का नाम लेकर मामले को दबाने के प्रयास में है। जबकि अभाविप गिरिडीह कॉलेज में हुए इस करोड़ो के स्कैम को लेकर आंदोलन करता रहा था, लेकिन हेमंत सरकार रहने के कारण कोई जांच नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि मामले को लेकर पीएमओ के साथ राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग किए जाने के बाद जांच कमेटी गठित हुई है और जल्द ही मामले का उद्भेदन होगा।

Why गिरिडीह कॉलेज IGNOU मामले ने पकड़ा तूल?
गिरिडीह कॉलेज के IGNOU विभाग को लेकर अभाविप की प्रेसवार्ता के बाद मामला फिर सुर्खियों में है।
- ABVP ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाए
- IGNOU विभाग के फंड को लेकर सवाल
- वर्ष 2008 से कथित अनियमितता का दावा
- उच्चस्तरीय जांच की मांग
- जांच कमेटी गठित होने का दावा
आरोप और जांच की स्थिति में क्या अंतर है?
मामले में अभी आरोप और जांच की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है।
| मुद्दा | ABVP का दावा | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| IGNOU फंड | कथित वित्तीय अनियमितता | जांच आवश्यक |
| राशि | हर महीने 8-9 लाख की गड़बड़ी का आरोप | आधिकारिक पुष्टि बाकी |
| अवधि | वर्ष 2008 से कथित गड़बड़ी | जांच में सत्यापन जरूरी |
| दस्तावेज | कथित फर्जी हस्ताक्षर का आरोप | जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी |
| जांच | उच्चस्तरीय जांच की मांग | कमेटी गठित होने का दावा |
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FAQs
1. गिरिडीह कॉलेज IGNOU मामले में आरोप किसने लगाए हैं?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के पदाधिकारियों ने प्रेसवार्ता के दौरान ये आरोप लगाए हैं।
2. ABVP ने किन लोगों पर आरोप लगाए हैं?
अभाविप ने गिरिडीह कॉलेज के प्रभारी प्रिंसिपल मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालेंदु शेखर त्रिपाठी पर आरोप लगाए हैं।
3. ABVP ने कितनी राशि की कथित गड़बड़ी का दावा किया है?
संगठन ने दावा किया है कि वर्ष 2008 से IGNOU विभाग के फंड में हर महीने करीब 8 से 9 लाख रुपये की कथित अनियमितता होती रही।
4. क्या मामले की जांच शुरू हो गई है?
अभाविप के अनुसार PMO और राज्यपाल को पत्र भेजने के बाद एक जांच कमेटी गठित हुई है। जांच की आधिकारिक प्रगति और निष्कर्ष संबंधित प्राधिकरण से स्पष्ट होंगे।
5. क्या आरोपों की आधिकारिक पुष्टि हुई है?
उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।

