गिरिडीह सड़क निर्माण घोटाला – ₹5 करोड़ की सड़क में ‘घोटाले‘ का आरोप, ग्रामीणों ने ठेकेदार का काम रुकवाया, बोले, घटिया निर्माण नहीं होने देंगे कमजोर सामग्री और मानकों की अनदेखी का आरोप, तीन महीने से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं; जांच नहीं हुई तो उपायुक्त से करेंगे शिकायत गिरिडीह जिला के बिरनी प्रखंड के खरखरी गांव में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग ₹5 करोड़ की लागत से बन रही सड़क निर्माण परियोजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बुधवार को निर्माण कार्य में कथित भारी अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल से नाराज ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ठेकेदार विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत या लापरवाही का फायदा उठाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग कर रहा है और गुणवत्ता से खुला समझौता किया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है। कि गांव के विकास के लिए उन्होंने अपनी जमीन तक दी, लेकिन बदले में उन्हें मानकों के अनुरूप सड़क नहीं बल्कि घटिया निर्माण मिल रहा है। फुलेंद्र राय, कैलाश पाण्डेय, हीरामणि रविदास, सुरेंद्र पाण्डेय, प्रकाश पंडित, रामकिशुन दास, बचनदेव बैठा, प्रकाश राणा, दामोदर बैठा, रामचन्द्र राय, श्रीराम पंडित, विजय पंडित, रामदेव पंडित, रौनक राम, सुखदेव राय, मनु पंडित और धीरन राणा समेत दर्जनों ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गार्डवाल में निर्धारित गुणवत्ता वाले पत्थरों की जगह कमजोर और सफेद बोल्डर लगाए जा रहे हैं, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सड़क के दोनों किनारों पर तकनीकी मानकों के अनुसार करीब दो फीट खुदाई होनी चाहिए थी, लेकिन ठेकेदार केवल आठ इंच खुदाई कर खानापूर्ति कर रहा है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह निर्माण हुआ तो सड़क कुछ ही समय में जर्जर हो जाएगी और करोड़ों रुपये की सरकारी योजना बेकार साबित होगी।
माले नेता फुलेंद्र राय ने आरोप लगाया कि पिछले तीन महीनों से लगातार निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत विभागीय अधिकारियों से की जा रही है, लेकिन अब तक किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोध करने वाले ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने तक की धमकी दी जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद न तो कनीय अभियंता (जेई) और न ही कोई वरीय अधिकारी मौके पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। अधिकारियों की कथित उदासीनता के कारण ठेकेदार मनमाने तरीके से काम कर रहा है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक निर्माण कार्य पूरी तरह तकनीकी मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से नहीं होगा, तब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जल्द जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो पूरे मामले की शिकायत उपायुक्त से कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी। हालांकि, मामले में कनीय अभियंता शमशाद ने कहा कि ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। ठेकेदार को फिलहाल काम बंद रखने का निर्देश दिया गया है। विभागीय टीम जल्द मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और यदि कहीं घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया तो उसे हटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

ग्रामीणों ने क्यों रुकवाया निर्माण कार्य?
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उनका आरोप है कि कमजोर सामग्री और अधूरे तकनीकी मानकों के साथ काम होने से सड़क लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रहेगी।
मुख्य Highlights
- ₹5 करोड़ की सड़क परियोजना।
- मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माण।
- घटिया सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप।
- ग्रामीणों ने मौके पर काम रुकवाया।
- विभागीय जांच की घोषणा।
Project Overview
नीचे सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ी प्रमुख जानकारी दी गई है।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| जिला | गिरिडीह |
| प्रखंड | बिरनी |
| गांव | खरखरी |
| योजना | मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना |
| परियोजना लागत | लगभग ₹5 करोड़ |
| आरोप | घटिया निर्माण और मानकों की अनदेखी |
| वर्तमान स्थिति | निर्माण कार्य फिलहाल रुका |
| विभागीय कार्रवाई | जांच के निर्देश |
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FAQs
Q1. गिरिडीह सड़क निर्माण घोटाला क्या है?
यह मामला गिरिडीह के बिरनी प्रखंड के खरखरी गांव में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बन रही लगभग ₹5 करोड़ की सड़क से जुड़ा है, जहां ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
Q2. ग्रामीणों ने सड़क निर्माण कार्य क्यों रुकवाया?
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में कमजोर सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा था और तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसी कारण उन्होंने काम रुकवा दिया।
Q3. ग्रामीणों ने ठेकेदार पर क्या आरोप लगाए हैं?
ग्रामीणों का कहना है कि गार्डवाल में कमजोर पत्थरों का उपयोग किया गया और सड़क के किनारों पर निर्धारित गहराई तक खुदाई नहीं की गई। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया है।
Q4. विभाग ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
कनीय अभियंता (JE) शमशाद के अनुसार, शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार को फिलहाल काम बंद रखने का निर्देश दिया गया है। विभागीय टीम जल्द मौके पर जांच करेगी।
Q5. आगे क्या होगा?
यदि जांच में घटिया सामग्री या निर्माण में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित सामग्री हटाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जांच नहीं होने पर वे उपायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।

