गोरखपुर तिरंगा यात्रा CM योगी की अगुवाई में उमड़ा देशभक्ति का जनसैलाब, ढाई किमी तक गूंजा ‘राष्ट्र प्रथम’

गोरखपुर तिरंगा यात्रा: CM योगी की अगुवाई में उमड़ा देशभक्ति का जनसैलाब, ढाई किमी तक गूंजा ‘राष्ट्र प्रथम’

गोरखपुर तिरंगा यात्रा – नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक करीब ढाई किमी तिरंगा लेकर सीएम ने की पदयात्रा,सीएम की अगुवाई में महानगर में उमड़ा देशभक्ति का जनज्वार।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में सोमवार को गोरखपुर महानगर में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई।नगर निगम परिसर से रेलवे स्टेशन चौक तक करीब ढाई किलोमीटर की इस यात्रा में देशभक्ति का जनज्वार उमड़ पड़ा।‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव संग हाथ में तिरंगा लेकर पदयात्रा कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साथ देने के लिए हजारों कदम उसी दिशा में बढ़ चले।यात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत का तिरंगा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की अमिट गाथा का नाम है। तिरंगा यात्रा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सबसे पहले नगर निगम परिसर स्थित वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन कर स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और बलिदान को नमन किया।

इसके बाद मंचीय कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हमारा तिरंगा भारत की आन, बान और शान प्रतीक है। भारत की आजादी के आंदोलन में हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अलग-अलग समय,अलग-अलग प्रकार के ध्वज को लेकर आंदोलन को नई गति दी थी। 1905 में भारत की आजादी का मूलमंत्र स्वदेशी बना था।इसके बाद 1930 के दशक में तिरंगा के बीच चरखा,स्वतंत्रता सेनानियों का ध्वज बना था।स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात तिरंगा के साथ, सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले चक्र को लेकर राष्ट्रध्वज स्वीकार किया गया।सीएम योगी ने कहा कि जिस राष्ट्रध्वज को फहराने के लिए नागरिकों को न्यायालयों में लड़ाई लड़नी पड़ती थी,उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर नागरिक के अधिकार से जोड़ दिया।

वीओ-सीएम ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दलों की सरकारें नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अधिकार नहीं दे पाईं थीं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष 2022 में नेशनल फ्लैग कोड में संशोधन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि सभी नागरिक अपने घर पर राष्ट्रध्वज को सम्मानपूर्वक लगा सकें। इसी का परिणाम है कि आज देश का हर नगारिक भारत के आन, बान, शान के रूप में तिरंगा को अपने घर पर लगाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह तिरंगा यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ फहराने के आह्वान का हिस्सा है। 2022 से शुरू हर घर तिरंगा अभियान प्रतिवर्ष चरम की ओर बढ़ रहा है।राष्ट्र के महापुरुष तथा क्रांतिकारी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं।यह हमारा तिरंगा उन्हीं क्रांतिकारियों और महापुरुषों के बलिदान की अमिट गाथा है। युवाओं से उनका आदर्श छीना गया तो वे गौरव की अनुभूति करने से वंचित रह जाएंगे,इसीलिए पीएम मोदी ने हर घर तिरंगा फहराने का मंत्र दिया है।

सीएम योगी ने कहा कि कभी यह तिरंगा भारत की आजादी का मंत्र बना था।बैरकपुर में आजादी की चिंगारी मंगल पांडेय ने लगाई थी। गोरखपुर में बंधु सिंह, झांसी में रानी लक्ष्मीबाई तथा बिठुर (कानुपर) में तात्या टोपे, मेरठ में धनसिंह कोतवाल ने आजादी के आंदोलन को दिशा दी।आजादी के लिए बहुत सारी कीमत चुकानी पड़ी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 1922 में गोरखपुर में चौरीचौरा की ऐतिहासिक घटना ने अंग्रेजों की चूलें हिला दी थी। 1925 में लखनऊ के काकोरी में पंडित राम प्रसाद बिस्मिल,अशफाक उल्ला खां, रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, शचीन्द्रनाथ सान्याल,राजेन्द्र लाहिड़ी आदि ने देश का धन अंग्रजों से कब्जे में लेने का कार्य किया था।अंग्रेजों ने इसे डकैती कहा था।1947 से 2022 तक देश की इस ऐतिहासिक घटना को डकैती पढ़ाया जा रहा था,लेकिन पीएम मोदी ने इस घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन का नाम दिया। इसमें शामिल पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को गोरखपुर में फांसी दी गयी।

अमृत महोत्सव वर्ष
अमृत महोत्सव वर्ष

अन्य सभी क्रांतिकारियों को विभिन्न जेलों में फांसी दी गयी।इन क्रांतिकारियों को वह सम्मान नहीं मिल पाया था जिसके वे हकदार थे। पूर्व की सरकारों में इनके नाम पर स्मारक नहीं बनाये जाते थे, इनके नाम पर संस्थाओं और सड़कों का नामकरण नहीं किया जाता था।तब एक परिवार के नाम से संस्थानों के नाम रखे जाते थे। एक परिवार के नाम पर ही योजनाएं चलाई जाती थीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत में स्वतंत्रता संग्राम बलिदानियों को सम्मान दिया जा रहा है।हर घर तिरंगा के माध्यम से भी उन्हें सम्मान देने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने लोगों का आह्वान किया कि इस तिरंगा यात्रा के बाद वह अपने हाथों में मौजूद तिरंगा को अपने घर पर लगाएं और उसके साथ सेल्फी लेकर अपलोड करें।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 5 करोड़ घरों में तिरंगा लहराने के लक्ष्य को तय किया है। प्रदेश के घरों के साथ सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी,निजी,व्यावसायिक तथा व्यापारिक संस्थानों के भवनों पर तिरंगा लहराया जायेगा।यह कार्य राष्ट्र के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों के प्रति हमारे सम्मान का प्रतीक है।इन बलिदानियों ने जाति न देखकर राष्ट्र प्रथम के भाव के साथ कार्य किया। उन्होंने कहा कि हम तिरंगा,राष्ट्रगान तथा राष्ट्रगीत वंदे मातरम को सम्मान देकर इन क्रांतिकारी एवं वीर आत्माओं को सम्मान दे सकते हैं।

तिरंगा यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा
तिरंगा यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा

Why गोरखपुर तिरंगा यात्रा रही खास?

गोरखपुर में निकली तिरंगा यात्रा ने शहर में देशभक्ति का माहौल बनाया। करीब ढाई किलोमीटर की पदयात्रा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

  • नगर निगम परिसर से यात्रा की शुरुआत
  • रेलवे स्टेशन चौक तक करीब 2.5 किमी पदयात्रा
  • CM योगी ने की यात्रा की अगुवाई
  • हजारों लोगों ने तिरंगा लेकर लिया हिस्सा
  • ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना पर दिया गया जोर

Tiranga Yatra और Har Ghar Tiranga में क्या अंतर?

तिरंगा यात्रा और हर घर तिरंगा अभियान दोनों का उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को बढ़ावा देना है।

पहलमुख्य उद्देश्यप्रमुख गतिविधि
तिरंगा यात्रासामूहिक देशभक्ति का प्रदर्शनतिरंगा लेकर पदयात्रा
हर घर तिरंगाघर-घर राष्ट्रीय ध्वज पहुंचानाघरों पर तिरंगा फहराना
स्वतंत्रता स्मरणशहीदों को सम्मानक्रांतिकारियों की गाथाओं का स्मरण
जनभागीदारीलोगों को जोड़नासार्वजनिक और व्यक्तिगत सहभागिता

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FAQs

1. गोरखपुर तिरंगा यात्रा कहां से शुरू हुई?
गोरखपुर तिरंगा यात्रा नगर निगम परिसर से शुरू हुई और रेलवे स्टेशन चौक तक गई।

2. गोरखपुर तिरंगा यात्रा कितनी लंबी थी?
यात्रा करीब ढाई किलोमीटर लंबी थी।

3. गोरखपुर तिरंगा यात्रा की अगुवाई किसने की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तिरंगा यात्रा की अगुवाई की।

4. उत्तर प्रदेश में कितने घरों में तिरंगा फहराने का लक्ष्य है?
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश सरकार ने इस वर्ष 5 करोड़ घरों में तिरंगा फहराने का लक्ष्य तय किया है।

5. हर घर तिरंगा अभियान कब से चल रहा है?
मुख्यमंत्री के बयान के अनुसार हर घर तिरंगा अभियान वर्ष 2022 से व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।

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