बता दे की जीएसटी कलेक्शन के आंकड़ों में एक बार फिर उछाल आई है। तो वित्त मंत्रालय की और से शनिवार को कहा गया की सितंबर में जीएसटी कलेक्शन 26 फीसदी बढ़कर 1.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। तो सितंबर महीने में सरकार के खजाने में कुल 1,47,686 करोड़ रुपये आए हैं।
वित्त मंत्रालय की और से कहा गया कि अगस्त में कलेक्शन 1.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है जिसमें सीजीएसटी कलेक्शन 25,271 करोड़ रुपये, एसजीएसटी 31,813 करोड़ रुपये, आईजीएसटी 80,464 करोड़ रुपये और सेस 10,137 करोड़ रुपये वस्तुओं के आयात पर एकत्र किए गए 856 करोड़ रुपये सहित है।
तो जानकारी के अनुसार सरकार जीएसटी के तहत कुछ मामलों को अपराध के दायरे से बाहर लाने पर काम कर रही है। इसके तहत अभियोजन चलाने को लेकर सीमा बढ़ाने के साथ समझौते वाले समाधान योग्य अपराधों के लिए दरों को कम करने पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल जीएसटी चोरी या इनपुट टैक्स क्रेडिट का दुरुपयोग 5 करोड़ रुपये से अधिक होने पर गड़बड़ी करने वाली इकाई के खिलाफ अभियोजन चलाने का प्रावधान है।
तो वही जीएसटी अधिकारियों ने 15 इंश्योरेंस कंपनियों, इंटरमेडियरीज और बैंकों की 824 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी है। इन कंपनियों ने जाली बिल के जरिए यह टैक्स चोरी की है। अधिकारियों को सूचना मिलने के बाद मुंबई में जीएसटी इंटेलिजेंस अधिकारियों ने कई इंश्योरेंस कंपनियों, इंटरमेडियरीज, मार्केटिंग/ब्रांडिंग कंपनियों, एनबीएफसी और बैंकों के परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया गया है।

