Gujarat cabinet reshuffle

Gujarat cabinet reshuffle: गुजरात कैबिनेट विस्तार, नए चेहरे, नई उम्मीदें, क्या बदलेगी गुजरात की राजनीति?

Gujarat cabinet reshuffle: गुजरात की राजनीति में आज एक बड़ा और अहम दिन रहा। राज्य में भूपेंद्र पटेल सरकार ने अपने कैबिनेट का विस्तार किया है। इस बार कई नए चेहरों को जगह मिली है, तो कुछ पुराने नेताओं की छुट्टी हो गई है। यह बदलाव सिर्फ पदों का फेरबदल नहीं है, बल्कि इसके पीछे 2027 के विधानसभा चुनाव की बड़ी तैयारी छिपी है।

गांधीनगर के महात्मा मंदिर में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कुल 25 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें से 19 नए चेहरे हैं और सिर्फ 6 पुराने मंत्रियों को दोबारा मौका मिला है।

चलिए, इस रिपोर्ट में पूरे विस्तार को आसान शब्दों में समझते हैं कि कौन मंत्री बना, किसे क्या जिम्मेदारी मिली और इसके पीछे राजनीति क्या कहती है।

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपने मंत्रीमंडल में बड़ा बदलाव किया है। सबसे बड़ी बात कि हर्ष संघवी को उपमुख्यमंत्री (डिप्टी सीएम) बनाया गया है। हर्ष संघवी लंबे समय से पार्टी में सक्रिय रहे हैं और जैन समुदाय से आते हैं। उनका डिप्टी सीएम बनना बताता है कि पार्टी युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देना चाहती है।

इस बीच एक और नाम जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहा, वो है रिवाबा जडेजा का, रिवाबा भारतीय क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी हैं और जामनगर उत्तर से विधायक हैं। उन्होंने पहली बार मंत्री पद की शपथ ली है। राजनीति में उनका फोकस महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और स्मार्ट सिटी जैसे मुद्दों पर रहा है।

इस बार के विस्तार में सरकार ने पूरे राज्य और सभी वर्गों का ध्यान रखा है।

क्षेत्र के अनुसार

  • सौराष्ट्र-कच्छ- 9 मंत्री
  • मध्य गुजरात- 6 मंत्री
  • दक्षिण गुजरात- 5 मंत्री
  • उत्तर गुजरात- 4 मंत्री
  • अहमदाबाद- 1 मंत्री (दर्शन वाघेला)

समाज के अनुसार

  • पाटीदार- 6 मंत्री
  • ओबीसी- 8 मंत्री
  • अनुसूचित जाति (SC)- 3 मंत्री
  • आदिवासी- 4 मंत्री
  • क्षत्रिय- 2 मंत्री
  • ब्राह्मण: 1 मंत्री
  • जैन समुदाय: 1 मंत्री

इससे साफ है कि सरकार ने सभी जातियों और क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व देकर चुनावी संतुलन बनाने की कोशिश की है। अब बात करते हैं उन चेहरों की जिन्हें इस बार मंत्री बनाया गया है

नए मंत्री-

  • रिवाबा जडेजा
  • डॉ. प्रद्युम्न वाजा
  • अर्जुन मोढवाडिया
  • कौशिक वेकरिया
  • कमलेश पटेल
  • रमेश कटारा
  • दर्शन वाघेला
  • पीसी बरंडा
  • त्रिकम छांगा
  • स्वरूपजी ठाकोर
  • रमण सोलंकी
  • संजय सिंह महिडा
  • कांति अमृतिया
  • परसोत्तम सोलंकी
  • प्रवीण माली
  • ईश्वर सिंह पटेल
  • मनीषा वकील
  • नरेश पटेल
  • जीतेंद्र वघानी

पुराने चेहरों में शामिल हैं:

  • हर्ष संघवी
  • ऋषिकेश पटेल
  • कनुभाई देसाई
  • कुंवरजी बावलिया
  • प्रफुल पानसेरिया
  • परसोत्तम सोलंकी

इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण है आगामी विधानसभा चुनाव। जो साल 2027 में चुनाव होने हैं और सरकार अभी से तैयारी में लग गई है। कुछ इलाकों और समाजों में यह भावना थी कि उन्हें सरकार में उचित भागीदारी नहीं मिली है। खासकर आदिवासी और ओबीसी क्षेत्रों में नाराजगी देखने को मिल रही थी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि गुजरात की राजनीति में समय-समय पर ‘रीफ्रेश सिस्टम’ यानी बदलाव जरूरी होता है। यह बदलाव भी उसी रणनीति का हिस्सा है।  कुछ का यह भी मानना है कि केंद्र सरकार का इस फैसले में बड़ा योगदान है। क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद गुजरात से हैं, तो उनकी नजर हमेशा राज्य की राजनीति पर बनी रहती है। इस मंत्रीमंडल विस्तार से साफ है कि सरकार आने वाले समय को लेकर सतर्क और तैयार है। नए चेहरे, युवा नेता, सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व  इन सबका मिला-जुला रूप इस नई कैबिनेट में देखने को मिल रहा है। अब देखना होगा कि यह टीम कितना अच्छा काम करती है और जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।

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