Republic Day

देश मना रहा 77वां Republic Day, तिरंगे के रंग में लिपटा हिंदुस्तान

Republic Day: भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। यह पर्व देश के लोकतांत्रिक मूल्यों, संप्रभुता और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। भारतीय राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने पर एक खास झांकी भी प्रस्तुत की जाएगी, और इस वर्ष की थीम भी ‘वंदे मातरम’ रखी गई है।

परेड की शुरुआत

गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड सुबह 9:30 बजे कर्तव्य पथ पर शुरू हो गई है। यह परेड लगभग 90 मिनट तक चलेगी। साथ ही इस बार पहली बार दो मुख्य अतिथि होंगे। इस आयोजन को कई सरकारी चैनल्स, वेबसाइट्स और प्रमुख टीवी चैनल्स पर विभिन्न भारतीय भाषाओं में देखा जा सकता है।

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‘वंदे मातरम’ पर थीम

इस साल की थीम ‘वंदे मातरम’ है। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने इसे राष्ट्रीय गीत के 150 साल पूरे होने के अवसर पर चुना है। परेड में इस विषय पर एक खास झांकी दिखाई जाएगी, जो भारत की सांस्कृतिक धरोहर, आध्यात्मिक वैभव और सामूहिक विरासत को दर्शाएगी।

मुख्य अतिथि और उनकी उपस्थिति

इस साल गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय यूनियन के दो प्रमुख नेता, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होंगे। इनकी उपस्थिति भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों को मजबूत करने का संदेश देती है। इसके साथ ही, दिल्ली में आयोजित ‘वैश्विक बौद्ध सम्मेलन’ के 40 देशों के बौद्ध भिक्षु भी परेड में शामिल होंगे, जो भारत के सांस्कृतिक दृष्टिकोण को और बढ़ावा देगा।

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परेड की खास बातें

गणतंत्र दिवस की परेड इस बार कुछ विशेष बदलावों के साथ आयोजित हो रही है:

  • कॉम्बैट फॉर्मेशन: पहली बार भारतीय सेना की टुकड़ियां युद्ध की मुद्रा में परेड में शामिल हुईं।
  • 30 झांकियां: इस बार कुल 30 झांकियां होंगी, जिनमें 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की और 13 विभिन्न मंत्रालयों की शामिल हैं।
  • भैरव लाइट कमांडो बटालियन: पहली बार इस नई इकाई ने परेड में हिस्सा लिया और अपने साहस का परिचय दिया।
  • हवाई प्रदर्शन: वायुसेना के 29 विमानों ने आसमान में त्रिशूल और वज्र जैसी आकृतियां बनाई, जो भारत की सैन्य शक्ति का प्रतीक थीं।

प्रधानमंत्री का विशेष प्रयास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल गणतंत्र दिवस के लिए लगभग 10,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया है, जिनमें बौद्ध भिक्षु, आत्मनिर्भर भारत योजना के लाभार्थी और स्कूली बच्चे शामिल हैं। यह कदम ‘जन-भागीदारी’ के प्रधानमंत्री के विजन को दर्शाता है।

गणतंत्र दिवस 2026 का महत्व

गणतंत्र दिवस 2026 खास है क्योंकि इसमें यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति और भारतीय सेना की ताकत, सांस्कृतिक विविधता और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और ताकत को दर्शाता है।

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