29 अक्टूबर 1969 ……. यह तारीख मानव इतिहास में एक ऐसे युग की शुरुआत लेकर आई, जिसने पूरी दुनिया को बदल दिया। आज से ठीक 56 साल पहले, 29 अक्टूबर 1969 को पहली बार दो कंप्यूटरों के बीच डेटा का आदान-प्रदान हुआ था, और इसी के साथ जन्म हुआ “इंटरनेट” का।
तो आइए आपको बताते है कि आखिर कैसे हुई इंटरनेट की शुरुआत
यह प्रयोग अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजेलिस के वैज्ञानिकों ने किया था। उस समय इसे “ARPANET” कहा गया, जो अमेरिकी रक्षा विभाग के Advanced Research Projects Agency यानि (ARPA) का एक प्रोजेक्ट था।
UCLA के प्रोफेसर लियोनार्ड क्लेनरॉक और उनकी टीम ने एक कंप्यूटर से स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट के दूसरे कंप्यूटर को “LOGIN” शब्द भेजने की कोशिश की। हालांकि नेटवर्क बीच में क्रैश हो गया, और सिर्फ “LO” अक्षर ही पहुंच पाए — लेकिन इतिहास बन चुका था। इस छोटे से प्रयोग ने दुनिया को डिजिटल युग की ओर बढ़ा दिया। धीरे-धीरे ARPANET का विस्तार हुआ, और 1980 के दशक में यही तकनीक “Internet” में बदल गई।
आज इंटरनेट ने न सिर्फ संचार को आसान बनाया है, बल्कि शिक्षा, व्यापार, मनोरंजन और शासन की परिभाषा भी बदल दी।
आपको बता दें कि इंटरनेट पर पहली ई- मेल 1971 में भेजी गई थी।
1983 में “TCP/IP” प्रोटोकॉल के इस्तेमाल से इंटरनेट को स्थायी रूप मिला।
1991 में वर्ल्ड वाइड वेब यानि (WWW) शुरू हुआ, जिसने इंटरनेट को आम जनता तक पहुंचाया।
आज इंटरनेट के बिना जीवन की कल्पना लगभग असंभव है। हर दिन अरबों लोग सोशल मीडिया, ऑनलाइन लेन-देन, शिक्षा, समाचार और मनोरंजन के लिए इसका उपयोग करते हैं। 29 अक्टूबर 1969 को जो प्रयोग सिर्फ दो कंप्यूटरों के बीच हुआ था, वह आज पूरी दुनिया को जोड़ने वाला सबसे बड़ा नेटवर्क बन चुका है, और लोगों की पहली जरुरत भी। सिर्फ “LO” से शुरू हुई कहानी ने आज पूरी दुनिया को “ONLINE” कर दिया।
सिमरन बिंजोला

