Mathura Datt Joshi Congress – उत्तराखंड कांग्रेस में करीब 48 साल तक सक्रिय राजनीति करने के बाद भाजपा में शामिल हुए मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस से जुड़ी अपनी आपबीती साझा की । जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का पर्याप्त मौका नहीं दिया जाता और पार्टी में लंबे समय से पक्षपात की राजनीति होती रही है। उन्होंने कहा कि मैंने अपना पूरा राजनीतिक जीवन और जवानी कांग्रेस को समर्पित कर दी, लेकिन पार्टी ने उनकी मेहनत और योगदान को वह सम्मान और अवसर नहीं दिया, जिसके वह हकदार थे।
मथुरा दत्त जोशी ने कहा कि वह हमेशा पार्टी के अनुशासन में रहे और पार्टी के आदेश को सर्वोपरि माना। उन्होंने कई बार विधानसभा चुनाव का टिकट मांगा, लेकिन पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया। जोशी का कहना है कि उन्होंने वर्ष 1978 से कांग्रेस के लिए काम करना शुरू किया और 1984 के बाद लगातार सक्रिय रहे। वर्ष 1989 और 2002 में भी उन्होंने टिकट की दावेदारी की, लेकिन उन्हें मौका नहीं मिला। जोशी ने कहा कि कांग्रेस छोड़ने के कई कारण रहे हैं उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी, जवानी और छात्र जीवन तक पार्टी के लिए समर्पित किया, लेकिन इसके बावजूद पार्टी ने उनके योगदान का उचित मूल्यांकन नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक सीमा तक उन्होंने सब कुछ बर्दाश्त किया, लेकिन जब बात उनकी सहनशक्ति की सीमा से बाहर हो गई तो कांग्रेस छोड़ने का फैसला लेना पड़ा।
Mathura Datt Joshi Congress से क्यों हुए नाराज?
मथुरा दत्त जोशी का कहना है कि उनकी नाराजगी किसी एक घटना से नहीं जुड़ी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उन्हें संगठन में वह राजनीतिक अवसर नहीं मिला जिसके लिए उन्होंने वर्षों तक मेहनत की थी। टिकट न मिलने और योगदान का मूल्यांकन न होने को उन्होंने पार्टी छोड़ने के प्रमुख कारणों में गिना।
- 1978 से कांग्रेस के लिए काम शुरू करने का दावा
- 1984 के बाद लगातार सक्रिय राजनीति
- 1989 में विधानसभा टिकट की दावेदारी
- 2002 में भी टिकट मांगा, लेकिन मौका नहीं मिला
- पार्टी में पक्षपात और अवसर की कमी का आरोप
48 साल की Political Journey: एक नजर में Timeline
मथुरा दत्त जोशी के दावों के मुताबिक उनकी कांग्रेस यात्रा कई दशकों तक चली। उनके राजनीतिक सफर को इस timeline से समझा जा सकता है:
| वर्ष / अवधि | जोशी का दावा |
|---|---|
| 1978 | कांग्रेस के लिए काम शुरू किया |
| 1984 के बाद | लगातार सक्रिय राजनीति में बने रहे |
| 1989 | विधानसभा टिकट की दावेदारी |
| 2002 | दोबारा टिकट मांगा |
| करीब 48 वर्ष | कांग्रेस से सक्रिय जुड़ाव |
| बाद का फैसला | कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल |
| मुख्य आरोप | पक्षपात, अवसर की कमी और योगदान की अनदेखी |
48 साल की नाराजगी के बाद BJP का रास्ता
Mathura Datt Joshi Congress से जुड़ा यह मामला सिर्फ एक नेता के दल बदलने की कहानी नहीं है, बल्कि लंबे राजनीतिक सफर के बाद सामने आई व्यक्तिगत नाराजगी का भी उदाहरण है। जोशी का कहना है कि उन्होंने 1978 से कांग्रेस के लिए काम किया, 1984 के बाद लगातार सक्रिय रहे और कई बार विधानसभा टिकट की मांग की, लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिला।
उनका आरोप है कि कांग्रेस में कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रही और उनके योगदान का उचित सम्मान नहीं हुआ। इसी नाराजगी को उन्होंने पार्टी छोड़ने के प्रमुख कारणों में शामिल किया है। भाजपा में शामिल होने के बाद जोशी ने अपने पुराने अनुभवों को सार्वजनिक कर एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में संगठन और कार्यकर्ताओं के रिश्ते पर बहस छेड़ दी है।
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FAQs :Mathura Datt Joshi Congress
1. मथुरा दत्त जोशी कितने साल कांग्रेस में रहे?
उनके मुताबिक वह करीब 48 साल तक कांग्रेस की सक्रिय राजनीति से जुड़े रहे।
2. मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस के लिए कब से काम शुरू किया?
जोशी का कहना है कि उन्होंने 1978 से कांग्रेस के लिए काम शुरू किया था।
3. उन्होंने विधानसभा टिकट कब-कब मांगा था?
उनके मुताबिक उन्होंने 1989 और 2002 में भी विधानसभा चुनाव के टिकट के लिए दावेदारी की थी।
4. मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस क्यों छोड़ी?
उनका आरोप है कि पार्टी में उन्हें उचित अवसर और सम्मान नहीं मिला तथा कार्यकर्ताओं के साथ पक्षपात होता रहा।
5. मथुरा दत्त जोशी अब किस पार्टी में हैं?
कांग्रेस छोड़ने के बाद वह भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

