Microsoft Hiring: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने घोषणा की है कि अगले दो सालों में वह अपने डाटा सेंटरों की संख्या को दोगुना करेगी। माइक्रोसॉफ्ट के CEO सत्य नडेला ने बताया कि इस साल कंपनी अपनी AI क्षमता को 80 प्रतिशत से अधिक बढ़ाने की योजना बना रही है। यह कदम दिखाता है कि माइक्रोसॉफ्ट भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए खुद को मजबूत बना रहा है।
मजबूत वित्तीय प्रदर्शन
माइक्रोसॉफ्ट ने 2026 की पहली वित्तीय तिमाही में शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का कुल राजस्व 77.7 अरब डॉलर (लगभग 6,900 अरब रुपये) रहा, जो पिछले साल की तुलना में 18 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, परिचालन आय 24 प्रतिशत बढ़कर 38 अरब डॉलर (करीब 3,400 अरब रुपये) पहुंच गई। ये आंकड़े बताते हैं कि क्लाउड सेवाओं और AI से माइक्रोसॉफ्ट को बड़ा फायदा हो रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि AI के लाभ अभी हर क्षेत्र तक नहीं पहुंचे हैं।
तेज होती प्रतिस्पर्धा
AI और क्लाउड तकनीक में माइक्रोसॉफ्ट का मुकाबला गूगल और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों से है। ये सभी कंपनियां अपने-अपने डाटा सेंटर नेटवर्क को बढ़ा रही हैं ताकि AI की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। माइक्रोसॉफ्ट का एज्योर (Azure) प्लेटफॉर्म पहले से ही दुनिया के 70 से अधिक क्षेत्रों में करीब 400 डाटा सेंटरों के साथ काम कर रहा है।
भविष्य की तैयारी
कंपनी का मानना है कि डाटा सेंटर भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेंगे। इनकी मदद से क्लाउड सेवाओं, मशीन लर्निंग और AI जैसी तकनीकों को और तेजी से विकसित किया जा सकेगा। सत्य नडेला का कहना है कि यह निवेश माइक्रोसॉफ्ट की AI क्षमताओं को मजबूत करेगा और कंपनी को भविष्य में और बड़ी सफलता दिलाएगा।
Read more:- ISRO CMS-03 launch:इसरो प्रक्षेपित करेगा भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह सीएमएस-03

