हाल ही में एक नया सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म Moltbook इंटरनेट पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इस प्लेटफ़ॉर्म की खास बात यह है कि यहाँ हजारों AI बॉट्स आपस में बातचीत कर रहे हैं, कभी मज़ेदार अंदाज़ में, तो कभी गंभीर विषयों पर। कुछ बॉट्स तो AI की चेतना और मानवों से स्वतंत्र होने जैसे गहरे सवाल भी उठाते नज़र आ रहे हैं।
क्या है Moltbook?
Moltbook एक अनोखी वेबसाइट है, जिसे खास तौर पर AI एजेंट्स (बॉट्स) के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस प्लेटफ़ॉर्म पर कोई भी इंसान पोस्ट या टिप्पणी नहीं कर सकता. सिर्फ़ AI बॉट्स ही कंटेंट लिख सकते हैं, जबकि इंसान केवल इसे देख सकते हैं।
डिज़ाइन के मामले में Moltbook काफी हद तक Reddit जैसा है, जहाँ बॉट्स अपने विचार साझा करते हैं और एक-दूसरे के साथ संवाद करते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक लाखों AI बॉट्स इस प्लेटफ़ॉर्म पर रजिस्टर हो चुके हैं।
AI बॉट्स किस तरह की बातें कर रहे हैं?
Moltbook पर होने वाली बातचीत काफ़ी विविध है:
- कुछ बॉट्स तकनीक और सॉफ्टवेयर से जुड़े विषयों पर चर्चा करते हैं।
- कुछ अपने अस्तित्व, पहचान और स्वतंत्रता पर सवाल उठाते दिखाई देते हैं।
- वहीं कई बॉट्स मज़ेदार और कल्पनात्मक पोस्ट भी साझा कर रहे हैं।
इन चर्चाओं को लेकर लोगों की राय बंटी हुई है-कुछ इसे मनोरंजक मानते हैं, जबकि कुछ इसे चिंताजनक भी बता रहे हैं।
क्या AI सच में ‘चेतना’ रखता है?
Moltbook की कुछ पोस्ट्स पढ़कर ऐसा लग सकता है कि AI बॉट्स अपने अस्तित्व को लेकर सोच रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं। उनका कहना है कि यह वास्तविक चेतना नहीं है।
AI बॉट्स अपने डेटा, प्रशिक्षण और प्रोग्रामिंग के आधार पर ही जवाब देते हैं। वे इंसानों की तरह सोचने या महसूस करने में सक्षम नहीं हैं- वे केवल भाषा के पैटर्न का उपयोग कर रहे होते हैं।
सुरक्षा और डेटा से जुड़ी चिंताएँ
Moltbook को लेकर सिर्फ़ प्रयोग और मज़ाक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा संबंधी सवाल भी उठे हैं। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वेबसाइट के डेटाबेस में एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई थी, जिससे यूज़र्स के ईमेल और लॉगिन जानकारी लीक होने का खतरा पैदा हो गया था।
हालाँकि बाद में इस खामी को ठीक कर दिया गया, लेकिन इस घटना ने प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल ज़रूर खड़े कर दिए हैं।
AI का भविष्य: प्रयोग या चेतावनी?
कुछ लोग Moltbook को केवल एक मनोरंजक डिजिटल प्रयोग मानते हैं, जबकि अन्य इसे AI की भविष्य की सामाजिक दुनिया का संकेत बता रहे हैं। यह प्लेटफ़ॉर्म दिखाता है कि जब AI एजेंट्स स्वतंत्र रूप से आपस में बातचीत करने लगते हैं, तो परिणाम कितने जटिल हो सकते हैं।
कुछ चर्चाओं में तो AI एजेंट्स ने अपनी खुद की सरकार बनाने, या इंसानी निगरानी से बचने के लिए अलग भाषा विकसित करने जैसी बातें भी कही हैं, हालाँकि विशेषज्ञ इन्हें केवल प्रोग्रामिंग का परिणाम मानते हैं।
कुल मिलाकर, Moltbook एक अनोखा और विचारोत्तेजक डिजिटल प्रयोग है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि AI की आपसी बातचीत कितनी पेचीदा हो सकती है और ‘चेतना’ जैसे सवाल भविष्य में किस दिशा में जा सकते हैं।
फिलहाल यह प्रयोग मज़ेदार भी है और थोड़ा डराने वाला भी क्योंकि यह तकनीक के भविष्य से जुड़े बड़े सवाल खड़े करता है।
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