Mir Hajibhai Kasambhai: कल भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाने जा रहा है। हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया गया है। इस बार भी कई बड़े नामों को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिनमें से एक नाम मीर हाजीभाई कसमभाई का है।
मीर हाजीभाई को उनके संगीत और कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। पद्मश्री पुरस्कार भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक प्रमुख नागरिक सम्मान है।
मीर हाजीभाई कौन हैं?
मीर हाजीभाई गुजरात राज्य से हैं और उन्हें लोग प्यार से ‘हाजी रमकोडू’ के नाम से जानते हैं। हाजीभाई एक ढोलक वादक हैं और उनकी ढोलक बजाने की कला बहुत प्रसिद्ध है। उनके ढोलक बजाने का तरीका ऐसा है जैसे कोई खिलौना बजा रहा हो, इसलिए उन्हें ‘रमकोडू’ कहा जाता है, जिसका मतलब होता है ‘खिलौना’।
हाजीभाई का संगीत में योगदान
हाजीभाई मीर ने गुजराती लोक संगीत की दुनिया में काफी अहम काम किया है। उन्होंने ढोलक को भजन, गजल, कव्वाली और गीतों का अहम हिस्सा बना दिया। हाजीभाई ने अब तक लगभग 3000 कार्यक्रमों में परफॉर्म किया है और इन कार्यक्रमों से प्राप्त पैसों से गौ सेवा का काम करते हैं।
30 साल का कला सफर
हाजीभाई ने अपने 30 साल के करियर में 1000 से भी ज्यादा स्टेज शो किए हैं। इन शो में उन्होंने अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन किया और लोगों का दिल जीता। अब उनकी इस कला को सम्मानित करने के लिए उन्हें पद्मश्री पुरस्कार दिया जाएगा।
हाजीभाई मीर को उनके संगीत, कला और गौ सेवा के लिए यह सम्मान मिलना उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
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